नूरपुर। मोहल्ला शहीदनगर के करीब 100 से अधिक मतदाता इस बार निकाय चुनाव में वोटिंग नहीं कर पाएंगे। संशोधन के बाद प्रकाशित हुई वोटर लिस्ट में मोहल्ले के काफी मतदाताओं के नाम गायब हैं। मोहल्ले वालों ने निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजकर बीएलओ एवं नगरपालिका के एक लिपिक पर जानबूझकर उनके नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
मोहल्ला शहीदनगर की सभासद कुसुमलता, हरिराज सिंह, लक्ष्मी देवी, ओमप्रकाश चंदा, सुशीला देवी, कोमल कुमारी, अवनीश कुमार, जयसिंह, राजीव कुमार, सुनील कुमार शर्मा आदि ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि वह पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से नूरपुर में मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके नाम वर्ष 2012 में हुए चुनाव में वोटर लिस्ट में था और उन्होंने मतदान भी किया। इस बार प्रकाशित हुई वोटरलिस्ट में उनके सहित मोहल्ले के 100 से अधिक मतदाताओं के नाम गायब हैं, जबकि उन्होंने अप्रैल में हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में बीएलओ वासिफ खान को जरूरी प्रमाणपत्रों के साथ फार्म भरकर दिए थे। आरोप है कि बीएलओ व नगरपालिका के एक लिपिक ने जानबूझ कर उनके नाम वोटर लिस्ट से गायब किए हैं। उन्होंने मामले की जांच कराकर बीएलओ एवं लिपिक के विरुद्घ कार्रवाई कराने एवं अपने नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने की मांग की है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अब्दुल सबूर का कहना है कि 11 सितंबर से मतदाता सूची से छूटे नामों को जोड़े का कार्य चल रहा है। छूटे सभी मतदाताओं के नाम लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। इस संबंध में बीएलओ वासिफ खान ने कहा कि उनका जितना काम था वह उन्होंने कर दिया था, इससे आगे उन्हें कोई जानकारी नहीं है। 11 सितंबर से चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में अभी तक मोहल्ले में न जाने पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बैठकों से फुर्सत मिलेगी तभी तो वह मोहल्ले में जाकर काम करेंगे।