बिजनौर। किशोरियों, नव विवाहिताओं, धात्री महिलाओं तथा पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर माह जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराएगा। शासन के निर्देश पर प्रत्येक माह मेें दो कार्यक्रम होंगे। इनमें से एक जिला मुख्यालय पर और दूसरा तहसील मुख्यालय पर कराने की योजना है।
स्वस्थ समाज एवं सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं का शारीरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ, सशक्त एवं मजबूत होना बहुत जरूरी है। महिलाओं को सशक्त कर उनके स्वास्थ्य तथा पोषण को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार बेहद गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप सभी जिलों में महिला स्वाभिमान योजना चलाई गई है। इसके अंतर्गत कुपोषित किशोरी, नव विवाहिताओं, गर्भवती और धात्री महिलाओं पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्हें विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न प्रकार के टिप्स दिए जाएंगे। अफसरों के अनुसार महिलाओं के पोषण के लिए पांच कार्यक्रम तय किए गए हैं। इनमें माताओं के पौष्टिक भोजन, एनीमिया से बचाव, परिवार नियोजन, स्वच्छ पेयजल तथा शौचालय सुविधा आदि शामिल हैं। सीएमओ राकेश मित्तल के अनुसार हर माह जिले में दो कार्यक्रम कराने का लक्ष्य है। जागरूकता के उद्देश्य से एक कार्यक्रम जिला मुख्यालय तथा दूसरा तहसीलवार कराया जाएगा।