अफसरों ने हटवाए अलम के काले झंडे
किरतपुर। गांव मेमन सादात में मनाए जा रहे मोहर्रम के दौरान गांव के प्रवेश मार्ग पर दोनों ओर स्थित शिया समुदाय के कब्रिस्तानों में लगाए गए काले अलम झंडों का दूसरे समुदाय द्वारा विरोध किया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम, सीओ की मौजूदगी में शियाओं ने कुछ झंडे उतवा दिए गए।
गांव मेमनसादात में मोहर्रम पर शिया समुदाय द्वारा कब्रिस्तानों में काले झंडे लगाए जाने का विवाद पिछले कई दिनों से चला आ रहा है। दूसरे समुदाय द्वारा काले झंडे लगाने का विरोध को लेकर गांव में शांति भंग की आशंका के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। रविवार की देर रात तक पास के गांव भनेड़ा में स्थित पुलिस चौकी पर सीओ अरुण कुमार सिंह की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता चली। शिया समुदाय का कहना था कि वह परंपरागत तरीके से मोहर्रम मना रहे हैं, जबकि हिंदू समाज के लोग मेन रास्ते पर झंडे लगाने को गलत बता रहे हैं। भाजपा ब्लाक अध्यक्ष दयाराम शर्मा ने कहा कि गांव में काले झंडे नहीं लगने दिए जाएंगे। दोनों पक्षों के बीच विरोधाभास के चलते वार्ता में कोई सर्वमान्य निष्कर्ष नहीं निकल पाया।
सोमवार को पूर्वाह्न में एसडीएम डॉ. पंकज वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह गांव पहुंचे, शिया समुदाय के लोगों से वार्ता की। दूसरे पक्ष के लोग समझौता वार्ता में शामिल नहीं हुए। इस अवसर पर शिया नेता इसरार जैदी, हिदायत हुसैन, फैसल रजा, अली नजर, परवेज, रईस हैदर आदि ने एसडीएम की बात मानकर गांव के प्रवेश मार्ग के दाई ओर वाले कब्रिस्तान में मार्ग के किनारे लगे झंड को उतरवा दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक लव सिरोही का कहना है कि गांव में तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में समुचित पुलिस बल तैनात किया गया है। मंगलवार को निकलने वाले सात मोहर्रम के जुलूस को लेकर प्रशासन सतर्क है।