बिजनौर। विवेक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने शनिवार को आज वमन कर्म में नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसमें 12 छात्र-छात्राओं को एक साथ वमन कर्म कराया गया।
कॉलेज के प्राचार्य एवं अस्पताल अधीक्षक वैद्य संदीप अग्रवाल ने बताया कि आयुर्वेद क्षेत्र में वमन कर्म को जटिल और गंभीर प्रक्रिया माना जाता है। इसमें वमन कर्म कराने वाले के साथ कई समस्याएं आने की संभावना बनी रहती है। इसकी वजह से एक या दो व्यक्तियों को ही वमन कर्म कराया जाता है। उर्ध्व मार्ग से दोषों का निर्हरण वमन कहलाता है। अर्थात उल्टी करा कर मुख द्वारा दोषों का निकालना वमन है। वमन को कफ दोष की प्रधान चिकित्सा कहा गया है। उन्होंने बताया कि पंचकर्म विभाग में वमन कर्म शनिवार सुबह पांच बजे शुरू कराया गया। महाविद्यालय के चेयरमैन अमित गोयल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीएएमएस के छात्र/छात्राओं को वमन कर्म सिखाना था। इस दौरान इस अवसर पर, डॉ. सुनील कुमार, पंचकर्म विभागाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, डॉ. अमोल, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. विमल कुमार, डॉ. निरंक कुमार आदि मौजूद रहे।