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गजरौला में 20 दिन में हुईं 25 मौतें

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गजरौला में 20 दिन में हुईं 25 मौतें
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गजरौला शिव (बिजनौर)। गांव गजरौला शिव व गजरौला अचपल में बुखार व कोरोना से 20 दिनों में अब तक 25 मौतें हो चुकी हैं। इनमें से अधिकांश मौतें बुखार और फेफड़ों में संक्रमण के कारण हुई है। इतना कुछ होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गांव में जाकर लोगों की सुध नहीं ली। जबकि गांव में अब भी दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
गांव में शुक्रवार रात शमीम अहमद (48) की बुखार से मौत हो गई, उन्हें दो दिन पहले बुखार आया था। गजरौला अचपल निवासी घनश्याम सिंह फौजी को 12 दिन पहले बुखार आया था, उनका बेटा भी फौज में मेजर है। बेटे ने उन्हें सेना के मेरठ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां बृहस्पतिवार दोपहर उनकी मौत हो गई। नंदकिशोर (55) की मेरठ मेडिकल कॉलेज में बुखार के कारण 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद मौत हो गई। नंदराम (60), टीकाराम (70), मास्टर राहुल (52), फूलवती (65), गफ्फार (68) की बुखार और सांस लेने में परेशानी के चलते मौत हो गई। नसीमा हरियाणा क्षेत्र में परिवार सहित मेहनत मजदूरी करने गई थी, जहां 15 दिन पहले बुखार आने के कारण बिलासपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
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जगदेव सिंह (60) की कोरोना से मौत हो गई। उसके पड़ोस में रहने वाले सतपाल सिंह (65) की बुखार से मौत हुई। इन्हीं के पास रहने वाली मिथलेश (60) को भी दो दिन बुखार आया और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। रामगोपाल कानूनगो (72) की कोरोना, बाले खां (50) की सांस लेने में परेशानी से मौत हो गई। गजरौला अचपल निवासी हनीफा (55), केवल कंडक्टर (75), सिब्ते हसन (72), मुन्नी देवी (90), मुन्नू (55), सरदार अमर सिंह (65), बुंदू (70) की भी बुखार से मौत हो गई। (संवाद)
लगातार मौत से भयभीत हैं ग्रामीण: एहसान
गजरौला अचपल निवासी मोहम्मद एहसान का कहना है कि गांव में हो रही मौतों से ग्रामीण खौफजदा हैं। गांव में चल रहे बुखार से घर-घर में मरीज हैं, स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गजरौला शिव निवासी ठाकुर सिंह का कहना है कि गांव में चल रही बीमारी देखते हुए घरों में ही रहना उचित है, दूसरे के संपर्क में आने से संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। लोगों को चाहिए कि घरों में रहे सुरक्षित रहे, मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। निवर्तमान प्रधान मुकेश कुमार का कहना है कि गांव में बना उप स्वास्थ्य केंद्र मात्र दिखावा है केंद्र में नियमित डॉक्टर न आने के कारण मरीजों को बुखार के लिए दवाई भी नहीं मिल रही है और न ही जांच का कोई साधन है।
उपकेंद्र पर नहीं चिकित्सक की नियुक्ति: डॉ. देवेंद्र सिंह
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के चंदक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार के अनुसार गजरौला शिव उप केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के अंतर्गत आता है। उप केंद्र में डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होती। उपकेंद्र पर एएनएम की ड्यूटी होती है। केंद्र पर तैनात एएनएम प्रमोशन होने के कारण छह माह के लिए ट्रेनिंग पर गई हुई है। गांव में हो रही मौतों की जानकारी नहीं है। अगर गांव में बुखार या अन्य किसी बीमारी से कोई मौत हुई है तो आशाओं को घर-घर भेज कर सर्वे कराया जाएगा।
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गांव में नहीं आई स्वास्थ्य विभाग की टीम : ग्राम प्रधान
गजरौला शिव की प्रधान निर्मला देवी का कहना है कि गांव में बुखार व अन्य बीमारी से अब तक 20 दिनों के अंदर 25 मौतें हो चुकी हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम अभी तक नहीं आई है। गांव में साफ सफाई नियमित कराई जा रही है। सैनिटाइजर का भी छिड़काव कराया गया है। उन्होंने गांव में कैंप लगवाकर ग्रामीणाें की जांच कराने और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
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