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4700 कार्ड धारकों के लिए 24 अस्पताल

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सुनील कुमार। - फोटो : BIJNOR
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4700 कार्ड धारकों के लिए 24 अस्पताल
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बिजनौर। जिले की आबादी लगभग 40 लाख को भी पार कर गई है। इसके बावजूद आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक मात्र 24 अस्पताल ही शामिल हुए हैं। इनमें चार सरकारी और 20 प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। लेकिन अस्पतालों की इतनी कम संख्या से जिले के लोग संतुष्ट नहीं हैं। इसमें खास बात ये है कि अधिकांश अस्पताल जिला मुख्यालय के ही हैं। हालांकि धामपुर तहसील में दो सरकारी और चार प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। नगीना से सिर्फ एक प्राइवेट अस्पताल ही इससे जुड़ा है। जबकि नजीबाबाद और चांदपुर तहसील मुख्यालय का एक भी प्राइवेट और सरकारी अस्पताल शामिल नहीं है।
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से की थी। इसका मकसद देश के करीब दस करोड़ बीपीएल परिवारों को पांच लाख तक का का वार्षिक मुफ्त इलाज देना है। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना में शामिल है। इसके लिए जिले में करीब दो लाख 61 हजार 435 पात्रों का चयन किया गया है। अफसरों के अनुसार वर्ष 2011 की आर्थिक एवं सामाजिक जनगणना के आधार पर पात्रों का चयन किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में अब तक करीब 4700 कार्डधारक गोल्डन कार्ड के माध्यम से विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा चुके हैं। लोगों का कहना है कि करीब 40 लाख की आबादी वाले जिले के लिए इस योजना में शामिल 24 अस्पताल नाकाफी हैं। इनमें ज्यादातर जिला मुख्यालय के अस्पताल शामिल हैं।
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हर तहसील के पांच अस्पताल होने चाहिए शामिल
हर तहसील स्तर पर कम से कम पांच अस्पताल चयनित किए जाने चाहिए। जिससे वे अपने क्षेत्र में ही गोल्डन कार्ड के माध्यम से अपना इलाज करा सकें। सरकार और स्वास्थ्य महकमे को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिले की सीमा करीब 90 किलोमीटर तक है। ऐसे में कार्डधारक जिले के सभी लोग इमरजेंसी इलाज कराने के लिए जिला मुख्यालय पर कैसे पहुंच सकते हैं। इस ओर स्वास्थ्य विभाग को ध्यान देने की आवश्यकता है।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. पीआर नायर बताते हैं जिले के प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोई भी प्राइवेट या सरकारी अस्पताल इससे जुड़ सकता है। इसके लिए योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले में बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर और चांदपुर तहसील हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चांदपुर और नजीबाबाद का एक भी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल शामिल नहीं है। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि आयुष्मान भारत योजना में जिले की सभी तहसीलों के सरकारी और प्राइवेट अस्पताल शामिल हों। जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके।
आयुष्मान भारत योजना में ये अस्पताल हैं शामिल
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला संयुक्त चिकित्सालय, जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर और अफजलगढ़, बिजनौर के कैलाशवती मैमोरियल अस्पताल, बुद्धा सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल, पुलकित मैमोरियल अस्पताल, शक्ति नर्सिंग होम, बीना प्रकाश अस्पताल, हार्ट एंड लंग्स क्रिटीकल केयर हॉस्पिटल, कुंदन अस्पताल, करन अस्पताल, श्री हॉस्पिटल, हीरालाल नर्सिंग होम, एमएस नर्सिंग होम, नव ज्योति आंखों का अस्पताल, सुमित्रा नर्सिंग होम, दुर्गा सहाय अस्पताल, धामपुर के दयावती अस्पताल, दमयंती देवी अस्पताल, संजीवनी नर्सिंग होम, एएन केयर एंड क्योर, नूरपुर के केएमएम अस्पताल, नगीना के विकास अस्पताल शामिल हैं।
ज्यादा से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ा जाए
मोहल्ला चौधरियान के नागेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को इस योजना में ज्यादा से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ना चाहिए। जिससे लोगों को इसका फायदा मिलेे। उनका कहना है कि इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।
आयुष्मान में एक भी अस्पताल न होना आश्चर्यजनक
चांदपुर के मोहल्ला कायस्थान निवासी सुनील कुमार का कहना है कि चांदपुर तहसील का इलाका अमरोहा जनपद की सीमा से मिला है। क्षेत्र में जलीलपुर ब्लाक स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्याऊ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। इसके अलावा कई प्राइवेट अस्पताल हैं। इसके बावजूद चांदपुर तहसील का एक भी अस्पताल इसमें सम्मिलित न होना आश्चर्य की बात है।
जिला मुख्यालय की लगानी पड़ती है दौड़
नजीबाबाद के गांव हसनपुर निवासी जयपाल बताते हैं कि उनका इस योजना में चयन हुआ है। गोल्डन कार्ड भी बन चुका है, लेकिन नजीबाबाद तहसील क्षेत्र में कोई सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल इस योजना से नहीं जुड़ा है। जिससे यहां के लोगों इसका लाभ उठाने में दिक्कत होती है। उन्हें इसके लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है।
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फिलहाल यूजलेस है गोल्डन कार्ड
नगर पंचायत जलालाबाद के मोहल्ला कचोरी सराय निवासी पंकज कुमार वर्मा का कहना है कि नजीबाबाद से बिजनौर की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। वे गोल्डन कार्डधारक हैं। यदि इस योजना का लाभ उठाना है तो सामान्य बीमारी में भी इसका लाभ लेने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ेगी। नजीबाबाद तहसील का एक भी अस्पताल योजना में शामिल नहीं होने से फिलहाल यह कार्ड यूजलेस है।
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