ईंधन के दाम बढ़ने से भट्ठा संचालन पर संकट
हल्दौर (बिजनौर)। ईंधन के दामों में भारी बढ़ोतरी होने के कारण ईंट भट्ठा संचालन में अवरोध पैदा हो गया है। ईंटों की मांग कम होने से भट्ठों पर ईंटों के ढेर लगे हैं। ऐसे में भट्ठों के शीघ्र चलने की आस लगाए बैठे मजदूरों के सामने बेरोजगारी का संकट पैदा हो गया है।
क्षेत्र के खासपुरा, नवादा तुल्ला, मोहनपुर चांदा नंगली, सिसौना आदि गांवों में अनेक ईंट भट्ठे लगे हैं। इन भट्ठों पर हजारों मजदूर काम कर साल भर की रोजी रोटी कमाते हैं। सितंबर माह के अंत में बरसात की समाप्ति पर भट्ठों के चलाने की तैयारियां शुरू हो जाती है। हाल ही में कोयले के दाम 12,500 रुपये प्रति टन से बढ़कर करीब 15 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गए हैं। जबकि सूखी लकड़ी के दाम 450 प्रति क्विंटल से बढ़कर 750 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। भट्ठे में प्रयुक्त ईंधन के दामों में भारी इजाफा हुआ है, साथ ही भट्ठों से ईंटों की बिक्री कम हुई है। क्षेत्र के अधिकांश भट्ठों पर ईंटों के ढेर लगे पड़े हैं।
गांव नवादा तुल्ला के भट्ठा संचालक हाजी शकील अहमद बताते है कि ईंधन के दाम में भारी बढ़ोतरी होने के कारण भट्ठा चलाने में लंबा समय लग सकता है। ईंटों बिक्री होने और ईंधन के दामों में गिरावट आने पर भट्ठों का संचालन संभव है। रामसिंह, विजय पाल सिंह, विपिन कुमार, राजपाल सिंह, बनवारी सिंह, शमशाद आदि मजदूरों को भट्ठों के संचालन में देरी होने से बेरोजगार होने की चिंता सताने लगी है। भट्टा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जाबेद अहमद का कहना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने और भट्ठों पर ईंटों का भारी भंडारण होने के कारण भट्ठे चलाना मुश्किल हो गया है।