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प्रशासन बोर्ड के परीक्षा केंद्र पर गलत पेपर बांटने जाने पर गंभीर

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दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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बिजनौर। प्रशासन एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को गलत पेपर बांटे जाने को लेकर गंभीर है। मामले की जांच शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार बोर्ड परीक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। जांच आख्या आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। माना जा रहा है कि मामले में कई लोग फंदे में आ सकते हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा का 12 फरवरी को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट का हिंदी का पेपर था। इंटरमीडिएट में कला वर्ग के छात्रों को साहित्यिक व विज्ञान वर्ग के छात्रों को सामान्य हिंदी पढ़ाई जाती है। दोनों के पाठ्यक्रम अलग-अलग हैं। 12 फरवरी को दोनों वर्ग के छात्रों का पेपर था। नजीबाबाद तहसील के राजकीय इंटर कॉलेज काशीरामपुर परीक्षा केंद्र पर एक कक्ष में दोनों वर्ग के छात्र मिश्रित क्रम में बैठाए गए थे। कक्ष में कक्ष निरीक्षकों ने विज्ञान वर्ग के छात्रों को साहित्यिक व साहित्यिक वर्ग के छात्रों को विज्ञान वर्ग का पेपर बांट दिया गया। कक्ष में दोनों वर्ग के 40 छात्र परीक्षा दे रहे थे। पेपर समाप्त होने के बाद जब छात्रों ने बाहर आकर एक-दूसरे से पेपर में आए सवालों का मिलान किया तो पेपर गलत मिलने का पता चला। विज्ञान वर्ग के छात्रों ने तुरंत केंद्र व्यवस्थापक को यह बात बताई। पता चलने पर कॉलेज प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जिला विद्यालय निरीक्षक को घटना की सूचना दी गई। आरोपी दोनों कक्षनिरीक्षकों से मामले की जानकारी लेने के बाद दोनों को कक्षनिरीक्षक ड्यूटी से हटा दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच डीआईओएस कार्यालय के अधिकारी निशांत यादव को सौंपी गई है। वह हर प्वाइंट पर जांच करेंगे। कहां, किसकी गलती है इसका पता लगाएंगे। जांच आख्या आने पर अगली कार्रवाई होगी। अभी यह नहीं स्पष्ट हो पाया है कि कितने छात्रों को विज्ञान व कितने छात्रों को साहित्यिक वर्ग का पेपर मिला है।
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प्रकरण की जांच बोर्ड को दे दी गई
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार उनका प्रयास होगा कि किसी छात्र का नुकसान नहीं हो। प्रकरण की जानकारी बोर्ड को दे दी गई है। छात्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। मामले में अंतिम निर्णय बोर्ड का होगा। वहीं इस बारे में केंद्र व्यवस्थापक से शिकायत करने वाले छात्रों का तर्क है कि विज्ञान वर्ग की हिंदी का पाठ्यक्रम साहित्यिक हिंदी के पाठ्यक्रम से आसान होता है। वे विज्ञान वर्ग के छात्र हैं। उन्हें साहित्यिक वर्ग का पेपर मिला है। इससे उनका परीक्षाफल व डिवीजन प्रभावित हो सकता है। उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के मुताबिक मामले में प्रथम दृष्ट्या छात्रों की भी गलती है। परिषद ने परीक्षा का समय तीन घंटे 15 मिनट रखा है। छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय इसलिए दिया जाता है कि वे पेपर मिलते ही यह चैक कर लें कि उन्हें पेपर ठीक मिला है या नहीं। किसी छात्र ने परीक्षा अवधि में कोई शिकायत नही की है। परीक्षा के बाद ही केंद्र व्यवस्थापक को बताया गया है। कालेज सूत्रों के अनुसार कुछ ही छात्रों ने शिकायत की है।
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