शासनादेश दरकिनार, ठेकेदारों से ली यूनिफार्म
अफजलगढ़। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों ने शासन के आदेशों को दरकिनार कर कमीशनखोरी के चक्कर में प्राइवेट ठेकेदारों से यूनिफार्म लेकर बच्चों को बांट दी। जबकि शासन ने ब्लाक में चिह्नित स्कूलों में स्वयं सहायता समूहों से यूनिफार्म सिलवाकर वितरण करने के आदेश दिए थे। इस मामले में एबीएसए ने चिह्नित स्कूलों की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
खंड विकास कार्यालय अफजलगढ़ के एडीओ आईएसबी बृजेश सिंह ने बताया कि शासन ने ब्लाक में करीब 40 स्कूलों में स्वयं सहायता समूहों से यूनिफार्म सिलवाकर वितरित करने का आदेश दिया था। इस संबंध में ब्लॉक के अधिकांश स्कूलों के मुख्य अध्यापकों को लिखित आदेश भी दिया गया था। बावजूद इसके यूनिफार्म वितरण में जमकर धांधली की गई। शिक्षकों ने मोटे कमीशन के चक्कर में ठेकेदारों से यूनिफार्म लेकर बच्चों को बांट दी। एबीएसए ने जब शिक्षकों ने जवाब तलब किया तो वह चुप्पी साध गए। आरोप है कि स्कूल यूनिफार्म का कपड़ा बेहद निम्न स्तर का है। मामला संज्ञान में आने के बाद एबीएसए ने मुख्य अध्यापकों से यूनिफार्म की कीमत भरपाई करने के आदेश दिए हैं।
इन स्कूलों में बांटी जानी थी ड्रेस
एडीओ आईएसबी बृजेश सिंह के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय पाहा, भगौता, शाहनगर कुराली, कल्लूवाला, चकफेरी, रसूलाबाद द्वितीय, फतेहपुरधारा, आनंदीपुर, जटपुरा, सादकपुर, नावका सहित 40 स्कूलों को शासन ने चिह्नित किया था। इन स्कूलों में स्वयं सहायता समूहों से यूनिफार्म की सिलाई कराने का आदेश दिया गया था। ब्लाक में कोई स्कूल ऐसा नहीं बचा, जिसमें ठेकेदार से यूनिफार्म नहीं खरीदी गई हो। ठेकेदारों ने जून की छुट्टी बीतते ही जुलाई की एक तारीख से स्कूलों में कब्जा जमाना शुरू कर दिया था। इस दौरान ठेकेदार और मुख्य अध्यापक के बीच मोटा कमीशन भी तय हुआ।
जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी : एबीएसए
एबीएसए सुनील डबराल का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है कि किसी भी अध्यापक ने शासन के आदेशों को अनुपालन नहीं किया है। जांच कराकर शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यूनिफार्म की रकम भी वसूली जाएगी।