बिजनौर। मूल्यांकन केंद्रों पर नौ दिनों में करीब पौने छह लाख कॉपी जांची जी चुकी है। करीब पौनेे तीन लाख कापी शेष है। कम कॉपी वाले कई विषयों का कार्य पूरा हो गया है। इंटर के कई विषयों के परीक्षक नहीं मिलने से मूल्यांकन समय से पूरा होने के आसार नहीं हैं। डीआईओएस का कहना है कि मूल्यांकन कार्य तय समय 15 दिन में पूरा हो जाएगा।
यूपी बोर्ड ने जिले के चार केंद्रों पर जांचने के लिए आठ लाख 10868 कॉपी आवंटित की थी। 17 मार्च से मूल्यांकन शुरू हुआ। नौ दिन में पांच लाख 44653 कॉपी जाचीं गई हैं। 31 मार्च तक दो लाख 66215 कापी जांची जानी है। जीआईसी केंद्र पर एक लाख 58724, जीजीआईसी केंद्र पर एक लाख 31851, डीएवी केंद्र पर एक लाख 17245 तथा आरजेपी केंद्र पर एक लाख 36833 कापी जांची जा चुकी है। डीएवी केंद्र पर संगीत, उर्दू का कार्य पूरा हो चुका है। आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर इंटर भौतिक विज्ञान एवं जीवविज्ञान की कॉपी काफी संख्या में बची हैं। परीक्षक आ नहीं रहे हैं। वित्त विहीन शिक्षक मूल्यांकन का बहिष्कार किए हुए है। इसलिए परीक्षकों की कमी के चलते मूल्यांकन समय से पूरा होने के आसार नहीं हैं। उपनियंत्रक ने डीआईओएस को स्थिति से अवगत करा दिया है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार मूल्यांकन कार्य समय से पूरा कराने की व्यवस्था की जा रही है। जिन विषयों का मूल्यांकन समाप्त हो गया है, उन्हें दूसरे अर्ह विषयों में लगा दिया है।
शिक्षक नेता कर रहे मूल्यांकन कार्य प्रभावित
बिजनौर। शिक्षक नेताओं का मूल्यांकन केंद्रों पर आना शुरू हो गया है। परीक्षकों का आरोप है कि नेताओं के साथ समर्थकों की भीड़ होने से मूल्यांकन कार्य प्रभावित होता है। मूल्यांकन केंद्रों के उपनियंत्रक भीड़ को रोकने में नाकाम है। बोर्ड के आदेशों को धता बताया जा रहा है, जिसमें मूल्यांकन केंद्र पर बाहरी व्यक्तियों के आने पर प्रतिबंध है। परंतु शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक नेता ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उपनियंत्रक भी इन नेताओं को कुछ कहने से पीछे हट जाते हैं। केंद्रों पर पहले ही परीक्षकों की कमी है। कापियां कछुआ चाल से जांच जा रही हैं।
मामला संज्ञान में नही
बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार मूल्यांकन केंद्रों पर बाहरी व्यक्ति के आने पर प्रतिबंध हैं। शिक्षक नेताओं का मूल्यांकन केंद्र पर आने का कोई मामला उनकी संज्ञान में नहीं है। उपनियंत्रकों को बोर्ड के नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी जा चुकी है। ढील बरतने पर कार्रवाई होगी।