नजीबाबाद । खालसा पंथ के सृजनहार सरबंसदानी गुरु गोविंद सिंह साहिब के 351वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में सिख समाज की ओर से भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। सिख के आधार सेवा, सिमरन, साहस, संस्कृति, इतिहास और आदर्शों को दर्शाते नगर कीर्तन का श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
गुरुद्वारा नानकशाही श्री गुरु सिंह सभा से शनिवार दोपहर पंज प्यारों की अगुवाई में भव्य नगर कीर्तन का शुभारंभ हुआ। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी उपकार सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब को पालकी साहिब में सुशोभित किया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रधान नरेंद्र सिंह विक्की, सचिव हरेंद्र सिंह, हरभजन सिंह, सुरेंद्रपाल सिंह, जसवीर सिंह की देखरेख में आयोजित नगर कीर्तन में गुरुनानक मिशन इंटर कॉलेज के बच्चों ने बोले सो निहाल सत श्री अकाल... के जयकारे लगाए। बैंड पर भक्तिरस की फुहार, सिख संगत द्वारा मूलमंत्र, गुरुमंत्र उच्चारण, गुरुबाणी गायन और निहंग सिंह द्वारा नगाड़े की गूंज से नगर कीर्तन की शोभा देखते ही बनी। श्री गुरु गोविंद सिंह साहिब की जय-जयकार करता हुआ नगर कीर्तन जहां कहीं से भी गुजरा श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और श्री गुरु ग्रंथ साहिब को नमन कर प्रसाद ग्रहण किया। नगर के विभिन्न मार्गों से होकर नगर कीर्तन देर शाम गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर संपन्न हुआ। नगर कीर्तन में गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा सुभाष नगर की ओर से आयोजित नगर कीर्तन भी शामिल हुआ। इसके अलावा बड़िया, बीरूवाला, बिजौरी, जट्टीवाला, ताहरपुर, लालवाला, गुलालवाली, समीपुर, हीमपुर आदि क्षेत्रों से श्रद्घालुओं ने नगरकीर्तन में शामिल होकर धर्म लाभ उठाया।
...और श्रद्धा से झुक गए लोगों के सिर
नजीबाबाद। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को जुगो जुग अटल गुरु का दर्जा देकर गुरु गोविंद सिंह साहिब नतमस्तक हुए थे। गुरु ग्रंथ साहिब में राम, अल्लाह, गोपाल, ठाकुर सहित कई पूजनीय नाम, गुरुओं, सूफी-संतों की वाणी दर्ज होने पर लोगों ने गुरुओं के आदर्शों को आत्मसात कर गुरु ग्रंथ साहिब को नमन किया।
सेवा की मिसाल पेश की
नजीबाबाद। गुरुओं के प्रति सेवाभाव को सिख सेवादारों ने प्रदर्शित किया, तो राह चलते श्रद्धालुओं ने झाड़ू लेकर मार्ग की सफाई शुरू कर दी। दशमेश सेवा सोसाइटी के बैनर तले श्रद्धालुओं ने रास्ते की सफाई कर गुरुओं द्वारा सिखों को दिए सेवाभाव के उपदेश को साकार किया।
सिमरन की उठी सुर लहरियां
नजीबाबाद। स्त्री सत्संग मंडल के नेतृत्व में बीबियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अमृतमयी बाणी का गायन किया, तो वातावरण गुरुमय हो गया। मेरे माथे लागी रे धूल गोविंद चरनन की..., मेरे लालन की शोभा..., वह प्रगटियो पुरख भगवंत रूप गुरु गोविंद सूरा... आदि शबद कीर्तन से संगत निहाल हुई।
नौजवानों के जज्बे को किया सलाम
नजीबाबाद। साहिबजादा अजीत सिंह गतका दल सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए गतका दलों के नौजवानों ने शस्त्रों के हैरतअंगेज प्रदर्शन से सिखों के जज्बे को दर्शाया। साथ ही गुर हरगोबिंद साहिब द्वारा शुरू की गई संत-सिपाही की परंपरा को प्रदर्शित कर भावविभोर किया।
आकर्षण बनी पंजाब की संस्कृति
नजीबाबाद। विश्व की सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्कृति में पंजाब के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। नगर कीर्तन में पंजाब की संस्कृति की अनूठी झलक नजर आई। नन्हे मुन्ने बच्चों ने सिख इतिहास पर आधारित गीतों पर नृत्य कर गुरु साहिबान को नमन किया।