बाल अपराध रोकने के लिए जागरूक किया
नूरपुर ।
देवता महाविद्यालय मोरना की रासेयों की पांचों इकाईयों के स्वयंसेवकों व सेविकाओं ने प्रथम दिन को बालश्रम उन्मूलन के रूप में मनाया। इस दौरान अपने-अपने चयनित गांवों में जाकर ग्रामवासियों को बाल अपराध व बाल श्रम रोकने के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत के साथ हुआ। इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने चयनित गांव मोरना, ढेली अहीर, दरियापुर, तरकौला, ऊमरी में पहुंचे और गोष्ठी व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामवासियों को बालश्रम व बाल अपराध रोकने के लिए जागरूक किया। इस अवसर पर गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि कई बार बच्चे सही मार्गदर्शन न मिलने पर भटक जाते हैं और अपराध कर बैठते हैं, इसके अलावा बहुत से अभिभावक भी आर्थिक कारणों के चलते अपने बच्चों को पढ़ाई के बजाय बचपन में ही मजदूरी पर लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी का कर्तव्य है कि बच्चों को भटकने न दें और उनका सही मार्गदर्शन कर शिक्षा दिलाए। इस दौरान मनु देवी, वैशाली भारद्वाज, सलोनी देवी, राखी, शोभा, वंदना, आदि ने अपने विचार रखे।