किसान पाठशालाओं में नहीं आ रहे किसान
बिजनौर। किसान पाठशालाओं में किसान नहीं आ रहे। कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों को गांव-गांव जाकर पाठशालाओं में आने के लिए प्रेरित करने का भी किसानों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। किसानों का कहना है कि शासन की योजनाओं का केवल क्लास रूम की तरह बखान करने से कोई फायदा होने वाला नहीं है, योजनाआें का क्रियान्वयन भी होना चाहिए।
शासन की योजनाओं की जानकारी देने के लिए पांच दिसंबर से जिले में किसान पाठशालाएं चल रही हैं। पहले चरण में 130 ग्राम पंचायतों का प्रशिक्षण 09 दिसंबर तक है। किसान पाठशालाओं का समय शाम 03 बजे से 04 बजे तक है। ग्राम पंचायतों से मिल रही जानकारी के अनुसार पाठशालाओं में किसान नाम मात्र को आ रहे हैं। किसानों रामकुमार सिंह, गजेंद्र सिंह, हरवीर, रशीद, टेकचंद आदि का पाठशालाओं में नहीं आने के बारे में कहना है कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक गेहूं बोया जाना है।
इस समय किसान गन्ना काटने में लगा है। जिससे अधिक रकबे में खेत खाली करके गेहूं की बुवाई कर सके। शरदकालीन गन्ने की बुवाई भी हो रही है। शासन ने किसान पाठशालाओं का समय शाम तीन बजे से चार बजे तक रखा है। यह समय किसानों के काम को देखते हुए कतई उपयुक्त नहीं है। किसान खेतों में काम करके देर शाम तक घर लौटता है। पाठशालाओं में योजनाओं की जानकारी देने के नाम पर महज क्लासरूम की तरह किताबी ज्ञान दिया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र के मुताबिक किसान पाठशालाएं सुव्यवस्थित चल रही है। किसानी काम की अधिकता को देखते हुए पाठशालाओं में उपस्थिति थोड़ी कम जरूर है। कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को पाठशालाओं में आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।