भाकियू का पीएनबी शाखा पर प्रदर्शन
अफजलगढ़। गांव रसूलाबाद में पीएनबी अधिकारियों द्वारा ऋण जमा करने का दबाव बनाने पर किसान विक्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके विरोध में शुक्रवार को किसान के परिजनों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने बैंक कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन से दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, किसान का ऋण माफ करने और मुआवजा दिलाने की मांग की।
विक्टर की पत्नी सहित परिजनों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने मौत के लिए पीएनबी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि बैंक की गलत नीतियों के चलते पिता के लिए ऋण को विक्टर पर जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था। कहा कि जब किसान बैंक से कृषि कार्ड पर ऋण लेता है तो उससे बैंक बीमा पॉलिसी की रकम काटता है। ऋण लेने के दो वर्ष बाद ही किसान के पिता की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी, फिर उसे बीमा पॉलिसी का लाभ क्यों नहीं दिया गया। वहीं उनकी मृत्यु पश्चात राजस्व विभाग और बैंक ने जमीन का हिस्सा बंटवारा और ऋण का निर्धारण भी नहीं किया। ऋण मोचन की एक लाख रुपये की ऋण माफी में भी उसे शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बैंक अधिकारियों से शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष दर्शन सिंह फौजी, उपाध्यक्ष मुखत्यार सिंह, बलकार सिंह, श्यामलाल भारद्वाज, शिवनारायण सिंह, संजय, जितेंद्र, तारा सिंह, डेविड, मृतक की पत्नी मरियम, सीमी, डोरिस, जरीना आदि रहीं।
उच्च अधिकारियों से करेंगे वार्ता : प्रबंधक
बैंक प्रबंधक सीबी राव का कहना है कि इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। उन्होंने किसान के परिजनों और भाकियू नेताओं से कहा कि 14 जुलाई शनिवार को बिजनौर में लोक अदालत है, वहां बैंक के उच्चाधिकारी मौजूद रहेंगे। वह लोग वहां पहुंचकर भी अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं।