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प्रशासन की कार्रवाई से और तेज हुआ लेखपालों का आंदोलन

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प्रशासन की कार्रवाई से और तेज हुआ लेखपालों का आंदोलन
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बिजनौर। लेखपाल संघ के खिलाफ कार्रवाई करने पर लेखपालों का आंदोलन और तेज हो गया है। लेखपालों ने अब तहसील के बजाए जिलास्तरीय आंदोलन शुरू कर दिया है। लेखपालों ने मांग पूरी न होने तक किसी भी सूरत में हड़ताल खत्म न करने की बात कही है।
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लेखपालों की हड़ताल तीन जुलाई से जारी है। इससे तहसीलों में प्रमाण पत्र बनाने का काम ठप हो गया था। अनेक जिले में लेखपाल संघों के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने भी लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, मंत्री तथा सभी तहसीलों के संघ के अध्यक्ष व मंत्रियों को निलंबित कर दिया था। नए लेखपालों को शुक्रवार से काम पर लौटने का नोटिस दिया था। नए लेखपालों को शुक्रवार से काम पर न लौटने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी थी। लेकिन प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपाल संघ में और उबाल आ गया। शुक्रवार को भी कोई भी लेखपाल काम पर नहीं लौटा। सभी तहसीलों के लेखपाल कलक्ट्रेट में पहुंचे और जिलास्तरीय धरना शुरू कर दिया। उन्होंने जोरदार नारेबाजी की और अपना हक लेने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि लेखपालों पर कार्रवाई करके उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। वक्ताओं ने कहा कि वे वेतन विसंगति दूर करने, पे ग्रेड बढ़ाने, प्रमोशन देने, वाहन भत्ता दिलाने सहित आठ मांग कर रहे हैं। उनकी कोई भी मांग गलत नहीं है। कहा कि जब तक उनका हक नहीं मिल जाता हड़ताल जारी रहेगी। लेखपाल शासन-प्रशासन द्वारा की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के दबाव में नहीं आएंगे। उन्हें जितना दबाने की कोशिश की जाएगी आंदोलन उतना ही तेज होता जाएगा। धरने में ईश्वर सिंह, जगत सिंह रवि, दीपक शर्मा, चंद्रप्रकाश, नरेंद्र सिंह, सुर्जन सिंह, पवन कुमार, अरुण कांबोज आदि रहे।
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