नजीबाबाद। जरा सोचिए, भीषण गर्मी में छोटे-छोटे उन बच्चों का क्या हाल होता होगा, जो प्यासे ही घंटों स्कूल में बैठे रहते हैं। जी हां, प्यास से बिलखते हुए स्कूली बच्चे पढ़ाई छोड़कर पानी की तलाश में निकल जाते हैं। ऐसा ही आलम है क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों का। जहां हैंडपंप शोपीस बने हैं और स्कूलों में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
नजीबाबाद विकास खंड के अंतर्गत कई प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां पढ़ाई से पहले बच्चों के लिए पेयजल की जरूरत है। कुछ स्कूलों में हैंडपंप है ही नहीं, कुछ स्कूलों में खराब पड़े हैं, तो कुछ में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में बच्चों के लू का शिकार होने की आशंका है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को समय पर पीने का पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। अमर उजाला ने ऐसे स्कूलों को तलाशना शुरू किया, तो कई चौंका देने वाले मामले सामने आए।
गांव नयागांव स्थित दो प्राथमिक विद्यालय एवं एक जूनियर हाईस्कूल में हैंडपंप लगा ही नहीं है। प्राथमिक विद्यालय बूलचंदपुर, प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर नंगली, जूनियर हाईस्कूल मोटाढाक में भी इंडिया मार्क टू हैंडपंप नहीं लगा है। प्राथमिक विद्यालय देवेंद्रनगर कौड़िया में हैंडपंप दो वर्षों से अधिक समय से खराब पड़ा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुलालवाली, प्राथमिक विद्यालय प्रेमपुरी में हैंडपंप से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा रामनगर, लाहककला, साहबपुरा उमराव में भी हैंडपंप खराब पड़े हैं।
सीएम और मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र
नजीबाबाद। नशामुक्ति एवं किडनी लीवर बचाओ जनजागरण अभियान के संयोजक नंदलाल धनगर को सरकारी स्कूल में हैंडपंप दुरुस्त कराने के लिए मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखना पड़ा। नंदलाल धनगर ने पत्र में दो टूक कहा कि प्राथमिक विद्यालय कौड़िया में खराब पड़े हैंडपंप को सही कराने के लिए कई बार प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा जा चुका है, मगर स्थिति जस की तस है और स्कूली बच्चे पानी के लिए भटकते रहते हैं।
निर्जलीकरण से बिगड़ सकती है तबीयत : डॉ.शील
नजीबाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ.शील बताते हैं कि इस समय लू चल रही है। और ऐसे में प्यास लगने पर अगर चार-छह घंटे तक स्कूली बच्चों को पानी न मिले, तो वे डिहाइड्रेशन के शिकार हो सकते हैं। निर्जलीकरण से उनकी तबियत बिगड़ सकती है।
जल्द होगा समाधान - बीईओ
नजीबाबाद। खंड शिक्षा अधिकारी इशकलाल ने माना कि प्राथमिक विद्यालय कौड़िया का मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने हैंडपंप सही कराने के लिए प्रशासन और जलनिगम से संपर्क भी किया था, मगर किन कारणों से हैंडपंप सही नहीं हो सका। इसकी जानकारी करने के साथ प्राथमिकता पर हैंडपंप दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने अन्य स्कूलों में भी हैंडपंपों की स्थिति जानने की बात कही।