नजीबाबाद। मालन नदी की धारा का रुख मोड़ने के लिए आखिरकार पोकलेन नदी में उतर गई। काश्तकारों को विश्वास में लेकर प्रशासन ने पोकलेन से नई धारा बनाने का काम शुरू कराया। मालन नदी की सफाई का बीड़ा उठाने वाले भाकियू जिलाध्यक्ष ने नई धारा में पानी पहुंचने के बाद पुरानी धारा को समतल करने और सफाई अभियान में जुटने की बात कही।
शनिवार की सुबह पोकलेन मशीन से मालन नदी के उस क्षेत्र में पहुंची, जहां से मालन नदी की धारा गांव शाहपुर की ओर मुड़ी। जिससे आने वाले दिनों में गांव की घनी आबादी के लिए खतरा बढ़ गया था। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की मौजूदगी में पोकलेन मशीन ने अभी काम शुरू किया ही था कि काश्तकारों ने विरोध शुरू कर दिया। काश्तकारों का कहना था कि नदी की नई धारा बनाने उसके खेत खत्म हो जाएंगे। काम शुरू न हो पाने पर नायब तहसीलदार चंद्रकांत त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर काश्तकारों को विश्वास में लेते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि नदी की धारा को व्यवस्थित नहीं किया गया, तो गांव शाहपुर और खेत दोनों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
काश्तकारों के संतुष्ट होने पर पोकलेन मशीन से नदी की नई धारा बनाने का काम शुरू हुआ। काश्तकारों ने खेतों में खड़ी फसल को आनन-फानन में काटना शुरू कर दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि पोकलेन मशीन से हाईवे के पुल तक नदी से अतिक्रमण हटाते हुए धारा को व्यवस्थित करने के बाद नई धारा में नदी का पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद पुरानी धारा क्षेत्र में भूमि को समतल और साफ किया जाएगा। ताकि गांव शाहपुर की ओर कटान रुक सके और वहां काश्तकार खेती कर सकें।
भाकियू जिलाध्यक्ष ने मालन नदी सफाई के लिए नांगल क्षेत्र में जागरूकता अभियान जारी होने की बात कही। इस मौके पर इकबाल सिंह, विनोद परमार, रणधावा सिंह, मदन सिंह, नरदेव कुमार, अवनीश कुमार सहित कई भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।