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यूपी और उतराखंड के बदमाश

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बिजनौर। उत्तराखंड राज्य के बदमाश अपने राज्य में घटना करने के बाद बार्डर से सटे बिजनौर जिले में पनाह ले लेते हैं। ऐसे में पुलिस को बदमाशों को पकड़ना बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए अब उत्तराखंड पुलिस बिजनौर पुलिस के साथ मिलकर बदमाशों पर नकेल कसेगी। पहला लक्ष्य होगा बिजनौर में चलने वाले कोल्हू, जिन पर काम करने वाले बाहर के लोगों का सत्यापन होगा।
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मंगलवार को हरिद्वार जिले के श्यामपुर थाने में उत्तराखंड राज्य और बिजनौर के पुलिस अफसरों की बैठक हुई। इसमें बार्डर पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सहमति बनाई गई। एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक उत्तराखंड के अफसरों ने बताया कि उनके राज्य के बदमाश वारदात करने के बाद सर्दी के मौसम में बिजनौर जिले में संचालित होने वाले कोल्हुओं पर काम करने के लिए चले जाते हैं। कोल्हुओं पर ये छिपे रहते हैं। मामला शांत होने पर सर्दियों के बाद फिर से राज्य में आकर सक्रिय हो जाते हैं। बिजनौर जिले में करीब एक हजार कोल्हू हैं। कोल्हुओं पर काम करते वक्त ये उस इलाके में भी वारदात करते हैं, जहां छिपे रहते हैं। इन बदमाशों पर किसी को शक नहीं जाता। उत्तराखंड के अफसरों ने यह भी कहा कि उनके राज्य में बिजनौर और मुजफ्फरनगर के अपराधी घटनाओं को अंजाम देते हैं। बिजनौर जिले के इनमें चार-पांच बदमाश शामिल हैं। इन बदमाशों पर उनके राज्यों की पुलिस नजर रखे हुए है। ऐसे बदमाशों के खिलाफ पुलिस नकेल कसेगी। एसपी के मुताबिक दोनों राज्यों की पुलिस के बीच एक दूसरे के यहां के बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने की सहमति बन गई है। बदमाशों के बारे में दोनों राज्यों की पुलिस गतिविधियां साझा करेंगी। एक दूसरे को बदमाशों की सूचना आदान प्रदान करते रहेंगे। एसपी ने बताया कि कोल्हुओं पर काम करने वाले बाहर के लोगों की जांच कराकर सत्यापन कराया जाएगा।
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बैठक में एसपी सिटी हरिद्वार ममता बोहरा, सीओ चंदन सिंह, सीओ कनखल मनोज कत्याल के अलावा बिजनौर और उत्तराखंड के तमाम पुलिस अफसर मौजूद रहे।
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