अप्रैल के अंत सभी ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से चलेंगी
बिजनौर। मौअजमपुर-गजरौला ब्रांच लाइन पर संचालित नौ ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ने लगी हैं। इस माह के अंत तक सभी ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजन से होना शुरू हो जाएगा। अफसरों ने इसकी पुष्टि की है। इससे एक ओर वातावरण प्रदूषित होने से निजात मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर यात्रियों के समय की भी बचत होगी।
बिजनौर स्टेशन से प्रतिदिन 12 ट्रेन का संचालन होता है। इनमें तीन एक्सप्रेस और नौ पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। यहां से हजारों यात्री विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं। लोगों की यात्रा को सुगम और समय की बचत करने के लिए रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस ने केंद्र सरकार के निर्देश पर करीब दो साल पहले देशभर में रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण कराया था। इससे सभी ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन हो सके। इसी को ध्यान में रखते हुए मौअजमपुर से लेकर गजरौला तक करीब 90 किलोमीटर लंबे ब्रांच लाइन का विद्युतीकरण हुआ। इस दौरान इलेक्ट्रिक इंजन वाली विशेष ट्रेन को बिजनौर से मौजमपुर तक 100 किलोमीटर, बिजनौर से चांदपुर 65 किलोमीटर और चांदपुर से गजरौला तक 55 किलोमीटर की स्पीड से ट्रेन को ट्रायल के रूप में दौड़ाया गया। सब कुछ ठीक ठाक मिलने के बाद उन्होंने ट्रायल रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस को भेजी दी थी। इसके बाद रेलवे मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद करीब दस दिन पूर्व यहां से मसूरी एक्सप्रेस ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन के साथ दौड़ाया जा चुका है। मसूरी एक्सप्रेस ट्रेन का सफलतापूर्वक संचालन होने के बाद नौ ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर संचालित किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक इंजन से वातावरण प्रदूषण से निजात मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर यात्रियों के समय की भी बचत होगी। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार राठी ने बताया कि इस माह के अंत तक शेष ट्रेनों का संचालन भी इलेक्ट्रिक इंजन के शुरू होने की संभावना है।