एक अप्रैल से इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेगी मसूरी एक्सप्रेस
बिजनौर। एक अप्रैल से ट्रेनों की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी। इसके लिए सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अफसरों की मानें तो सबसे पहले मंसूरी एक्सप्रेस में इलेक्ट्रिक इंजन का प्रयोग होगा। रेलवे मुख्यालय से इसके लिए हरी झंडी मिल चुकी है। इससे पूर्व रेलवे विद्युतीकरण टीम गजरौला-मौअजमपुर ब्रांच लाइन का निरीक्षण कर 25 हजार वोल्ट की क्षमता का विद्युत करंट छोड़ चुकी है।
रेलवे मंत्रालय ने करीब दो साल पहले सभी ट्रेनों को विद्युत चालित करने का फैसला किया था। इसके बाद से रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य शुरू कराया गया था। रेलवे मुख्यालय वड़ौदा हाउस के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2018-19 तक सभी रेलवे ट्रैक इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की बात कही गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग ने लगभग 90 किलोमीटर गजरौला-मौअजमपुर ब्रांच लाइन का विद्युतीकरण किया गया। अफसरों के अनुसार 15 फरवरी को रेलवे सुरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक, डीआरएम एके सिंघल आदि ने अपनी टीम के साथ रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया था। इस दौरान इलेक्ट्रिक इंजन वाली विशेष ट्रेन को बिजनौर से मौजमपुर तक 100 किलोमीटर, बिजनौर से चांदपुर 65 किलोमीटर और चांदपुर से गजरौला तक 55 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल के रूप में दौड़ाया गया। सब कुछ ठीकठाक मिलने के बाद उन्होंने ट्रायल रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय वड़ौदरा हाउस को भेजी थी।
अफसरों के अनुसार रेलवे मुख्यालय से इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन के लिए हरी झंडी मिल गई है। मौअजमपुर-गजरौला ब्रांच लाइन पर चल रहा विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण हो गया है। तारों में 25 हजार की क्षमता का करंट भी छोड़ दिया गया है। पहली अप्रैल से इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार राठी ने बताया कि सबसे बड़ी जांच सीआरएस की होती है। उनकी जांच में सब कुछ ओके मिला है। उन्होंने ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। एक अप्रैल से सबसे पहले मंसूरी एक्सप्रेस इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर दौड़ाई जाएगी।