चेयरपर्सन और बार अध्यक्ष आमने-सामने
बिजनौर। नगर पालिका परिषद के चुनाव की रार सड़कों पर उतर आई है। एसपी सिटी की जांच के बाद नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रुखसाना परवीन व उनके पति शमशाद अंसारी तथा दूसरी ओर से जिला बार अध्यक्ष एसके बबली व उनकी पत्नी नीता अग्रवाल के खिलाफ एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों खेमों में पिछले काफी दिनों से सियासी तलवारें खिंच रहीं थीं। दोनों एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे थे।
जिला बार के अध्यक्ष एसके बबली ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कहा था कि बिजनौर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष व सदस्यों का चुनाव 22 नवंबर 2017 को हुआ था। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रुखसाना परवीन अपनी जाति अंसारी में अपनी नामजदगी छह नवंबर को कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने नामांकन में अपने आप को निरक्षर दर्शाया, जबकि नामांकनपत्र पर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही बताया कि दयानंद वैदिक कन्या इंटर कॉलेज नगीना में रुखसाना की जन्मतिथि 23 फरवरी 1989 है। यानि चुनाव के समय वे 30 वर्ष से कम आयु की थीं और पालिकाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थीं, लेकिन उन्होंने तथ्यों को छिपाकर चुनाव लड़ा। चुनाव में धोखाधड़ी करना गंभीर विषय है। कहा कि रुखसाना परवीन व उनके पति शमशाद अंसारी को यह पता था कि चुनाव के समय वह 28 वर्ष आठ माह व 14 दिन की हैं। चुनावी घोषणापत्र में झूठा शपथपत्र देकर उनके द्वारा अपराध किया गया है। एसपी ने एसपी सिटी लक्ष्मी निवास से इस मामले की जांच कराई। जांच पूरी होने के बाद एसपी के निर्देश पर रुखसाना परवीन, उनके पति शमशाद अंसारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दूसरी ओर नगर पालिकाध्यक्ष रुखसाना परवीन ने एसपी व डीएम को शिकायतीपत्र देकर कहा कि जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली की पत्नी नीता अग्रवाल ने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था और हार गईं। तब से एसके बबली व उनकी पत्नी नीता अग्रवाल रंजिश रखते हैं। तीन माह से तरह-तरह की धमकियां देकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनके पति शमशाद अंसारी से कह रहे हैं कि उनके व परिवार के सदस्यों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराएंगे। उन्होंने रुखसाना परवीन के फर्जी कागजात तैयार करा लिए हैं। आरोपियों ने एक दिन उनके पति शमशाद अंसारी को फोन करके अपने घर बुलाया था और कहा कि या तो उन्हें नगर पालिका में भ्रष्टाचार से कमाई कर 50 प्रतिशत हिस्सा उन्हें दें वर्ना उन्हें व उनके परिवार को बर्बाद कर देंगे। शमशाद अंसारी व उनकी पत्नी को झूठे मुकदमे में जेल भेजवा देंगे। दुष्कर्म व जानलेवा हमले के मामले में जेल भेजवाने की धमकी दी। इस मामले की उन्होंने ऑडियो व वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसकी सीडी भी प्रार्थनापत्र के साथ संलग्न की गई। पति शमशाद अंसारी ने एसके बबली की सारी बातों को नकारा तो इससे क्षुब्ध होकर दोनों कूटरचित ब्लैकमेल करने, जान से मारने की धमकी देने, अवैध वसूली की नीयत से पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर षड्यंत्र करके फर्जी कागजात में कम आयु दर्शाकर रुखसाना परवीन के नाम से तैयार कर लिए, जबकि उनका नाम रुखसाना है। आयु से संबंधित कागजात रुखसाना के नाम से हैं। जिसका प्रमाण नगर पालिका नगीना द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र में रुखसाना की आयु एक जनवरी 1984 दर्ज है। नगर पालिका नगीना के वार्ड 23 की वोटर लिस्ट में रुखसाना की आयु 31 वर्ष अंकित है। एसपी सिटी ने इस मामले की भी जांच की। अपनी रिपोर्ट एसपी को सौंपी। एसपी के निर्देश पर एसके बबली व उनकी पत्नी नीता अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज होने से जिले की सियासत गरमा गई है। इस मामले में एसके बबली की ओर से जिलेभर के अधिवक्ता लामबंद होने लगे हैं तो नगर पालिका के अध्यक्ष रुखसाना परवीन व उनके पति शमशाद अंसारी के समर्थन में उतर रहे हैं।
जिला बार अध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से रोष
बिजनौर में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली व उनकी पत्नी नीता अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से वकीलों में भारी रोष है। वकीलों ने बृहस्पतिवार को इसके विरोध में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। वकीलों ने रिपोर्ट को झूठा बताकर खारिज करने की मांग की है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर रिपोर्ट खारिज नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
जिला बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय सिंह की अध्यक्षता व महासचिव नवदीप सिंह के संचालन में हुई बैठक में जिला बार अध्यक्ष एसके बबली व उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट को गलत बताया गया। कहा गया कि गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट राजनीतिक विद्वेष के कारण दर्ज कराई गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से पहले मामले की बिलकुल जांच नहीं की है। कहा कि जिला बार अध्यक्ष पद बहुत प्रतिष्ठित होता है। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से पहले पूरे मामले की जांच होनी चाहिए थी। वकीलों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस रिपोर्ट को खारिज न किया गया तो वकील बड़ा आंदोलन करेंगे।