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निपाह से बचाव को स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

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बिजनौर। केरल में दहशत का पर्याय बने निपाह वायरस से बचने के लिए सूबे का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इससे निपटने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए एडवाजरी जारी की है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गाइड लाइन जारी की है। इसके अनुसार प्रतिदिन जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी। मरीजों की स्थिति शून्य होने पर भी डेली रिपोर्टिंग किये जाने के आदेश हैं।
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निपाह वायरस की शुरूआत केरल राज्य से हुई है। इसकी चपेट में आकर करीब दर्जनभर लोगों की मौत हो चुकी है। कर्नाटक में भी दो मरीजों में इसके इंफेक्शन मिलने के संकेत मिले हैं। अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी जांच चल रही है। इससे देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए सूबे का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक ने जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी समेत सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को डेली रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसका सख्ती से पालन करने को कहा गया है। डेली रिपोर्टिंग नहीं करने वाले संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों की स्थिति शून्य होने पर भी रिपोर्टिंग करनेे के आदेश हैं। सीएमओ राकेश मित्तल ने बताया कि यह एक घातक जिनेटिक रोग है। सभी लोगों से अपील की जाती है कि वे इससे खुद भी दूर रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। लक्षण मिलने पर घबराएं नहीं तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं। साथ ही सभी अस्पताल उन्हें डेली रिपोर्टिंग करते रहें।

क्या है निपाह वायरस ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक निपाह एक ऐसा वायरस है, जो चमगादड़ से इंसानों में फैलता है। यह जानवरों और इंसानों दोनों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इस वायरस का मुख्य स्त्रोत फल खाने वाले चमगादड़ यानी (फ्रूट बैट) है। इन्हें फ्लाइंग फॉक्स के नाम से भी जाना जाता है।
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निपाह वायरस के लक्षण
1. बीमारी की शुरूआत में सांस लेने में दिक्कत होना।
2. सिर में लगातार दर्द बने रहना।
3. तेज दिमागी बुखार आना।
4. धुुंधला दिखाई देना।

बचाव कैसे करें ? ं
1. चमगादड़ प्रभावित क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानियां बरतें।
2. पेड़ से गिरे फलों को खाने से बचें।
3. निपाह वायरस प्रभावित इलाकों में जाने से बचें।
4. फलों को पोटाश वाले पानी से धोकर खाएं।
5. पशु-पक्षियों के जूठे फल खाने से बचें।
6. केरल से आने वाले फलों को न खाएं।
7. केले, आम व खजूर को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।
8. फल एवं सब्जी पर कटे हुए का निशान होने पर उसे खरीदने से बचें।
9. सूअर और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से दूर रहें।
10. अत्यधिक भीड़भाड वाले इलाकों में जाने से बचें।
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