नजीबाबाद (ब्यूरो)। आरएसएस के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने जोगीरम्पुरी दरगाह में जियारत कर चादर चढ़ाई। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का प्रश्न नहीं राम जन्म स्थल का मामला है। जन्म स्थान कभी बदलता नहीं। उन्होंने मजहबी और सियासी नेताओं से कश्मीर सहित हिंदुस्तान में रमजान माह में अमन चैन रखने के लिए रहनुमाई करने का आह्वान किया।
आरएसएस के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि लाखों चर्च हैं लेकिन वेटिकन चर्च एक है, लाखों मस्जिदें और दरगाह है, लेकिन मक्का-मदीना एक ही है। इसी तरह श्रीराम मंदिर अनेक हैं लेकिन जहां श्रीराम का जन्म हुआ वह स्थान केवल अयोध्या में है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में श्रीराम को इमाम-ए-हिंद कहा गया है। पैगंबरों और नबियों में श्री रामचंद्र भी शामिल हैं। यह सब ऊपर वाले कहलाते हैं जो सृष्टि के मालिक हैं। जन-जन और कण-कण में ईश्वर और अल्लाह हैं। उन्होंने कहा कि जो इन्हें मानता है वह इंसान है और जो नहीं मानता वह शैतान है।
श्रीराम जन्म भूमि और राम मंदिर निर्माण के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां पर रामचंद्र जी का जन्म हुआ उस स्थान पर श्रीराम मंदिर था। खुदा रूपी राम और राम रूपी खुदा की जन्म स्थली को बदला नहीं जा सकता। कहा कि विदेशी अक्रांता बाबर और उसके सेनापति ने राम मंदिर गिरवाकर बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया। किसी इंसान और बादशाह के नाम पर मस्जिद का नाम नहीं होता। बाबर के नाम पर मस्जिद बनाना खुदा की नाफरमानी है। इस बात को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्म भूमि का बाबरी मस्जिद का विवाद अब न्यायालय में राम जन्म स्थान बनाम विवादित ढांचा नाम से तब्दील किया गया है। उन्होंने दावा किया कि शिया वक्फ बोर्ड और मुस्लिम सुन्नी मजलिस अयोध्या में कई आयोजन करा चुकी है। जिसमें इमाम-ए-हिंद श्रीराम का मंदिर अयोध्या में बनाकर इंसानी और मोहब्बत का पैगाम देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि शिया कमेटी ने भी अमन, मोहब्बत और तालीम की खुशबू को बरकरार रखने के लिए श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बात कही। यह भी दावा किया कि लोअर कोर्ट, सेशन कोर्ट कानूनी रूप से यह स्वीकार कर चुका है कि अयोध्या रामलला की भूमि है। उन्होंने सभी मुस्लिमों को मुकद्दस रमजान की मुबारक बात देते हुए परस्पर सौहार्द का वातावरण बनाए रखने की अपील की।
दरगाह पहुंचने पर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सय्यद वसीम रिजवी, सचिव विसाल मेहंदी, पूर्व सचिव मिसाल मेहंदी, इसरार जैदी, मो. अफजाल, अली अशरफ, मौज्ज्सि अब्बास शब्लू, शिराज जैदी, वकार, जिया अब्बास ने आरएसएस केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य का स्वागत किया।