बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को सरकारी चिकित्सक धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकारी चिकित्सक निजी अस्पतालों में प्राइवेट प्रैक्टिस करने में लगे हैं। जिला सरकारी अस्पताल के एक चिकित्सक की मेरठ क्षेत्र के एक अस्पताल में निजी प्रैक्टिस करते हुए वीडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। इस बात को लेकर मेरठ के कुछ लोगों की अस्पताल में चिकित्सक के साथ नोकझोंकभी हुई हैं। चिकित्सक ने सभी आरोपों का नकार दिया है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में कुछ ही माह पहले आए एक फिजिशियन चिकित्सक की निजी प्रैक्टिस करते हुए वीडियो वायरल हुई है। चिकित्सक मेरठ के मोदीपुरम में अपने निजी नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करता है। वीडियो में चिकित्सक मरीजों को देख रहे हैं और फीस के रुपये भी ले रहे हैं। वीडियो के साथ चिकित्सक का नाम लिखा पर्चा भी वायरल हो रहा हैं। पर्चों पर चिकित्सक की पत्नी का नाम भी लिखा है। मंगलवार को मेरठ के रहने वाले कुछ व्यक्तियों ने निजी प्रैक्टिस करने को लेकर जिला अस्पताल में चिकित्सक से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद लोगाें ने चिकित्सक की शिकायत करने डीएम कार्यालय पहुंच गए, लेकिन डीएम के फील्ड में होने के कारण वह शिकायत नहीं कर पाए और मेरठ वापस लौट गए।
नहीं करते निजी प्रैक्टिस
जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक का कहना है कि अस्पताल उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है। वह रविवार छुट्टी वाले दिन कभी-कभी चले जाते हैं, हालांकि वह निजी प्रैक्टिस नहीं करते हैं।
मामला संज्ञान में नही : सीएमएस
सीएमएस डा.राकेश दुबे ने बताया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक द्वारा निजी प्रैक्टिस करने या वीडियो वायरल होना का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।