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मदिरा के जरिए वोटरों को लुभा रहे प्रत्याशी

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बिजनौर। निकाय चुनाव में वोटरों को मदिरा पिलाने का खेल शुरू हो गया है। मदिरा के जरिए प्रत्याशी वोटरों को रिझाने में लगे हैं। दिन ढलते ही वोटरों के ठिकानों पर मदिरा पहुंचनी शुरू हो जाती है। वोटर मदिरा का सेवन करके रात भर नशे में झूमते रहते हैं।
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निकाय चुनाव में वोटरों को रिझाने के लिए मदिरा बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। हर कोई प्रत्याशी अब मदिरा के सहारे चुनावी नैया पार करने की जुगत में लगा है। चेयरमैन पद का प्रत्याशी हो या वार्ड के सदस्य के पद का प्रत्याशी, हर कोई वोटरों को मदिरा का सेवन कराने में लगा है। मदिरा के जरिए वोटरों को खूब रिझाया जा रहा है। दिन ढलते ही प्रत्याशियों की ओर से वोटरों के ठिकानों पर मदिरा की खेप पहुंच जाती है। रात भर वोटर अंगूरी के नशे में झूमते रहते हैं। मदिरा के बिना चुनाव अधूरा माना जा रहा है। जो प्रत्याशी वोटरों को मदिरा नहीं पिला रहे, उन्हें वोटर खूब बुरा भला कह रहे हैं। मजबूर होकर ऐसे प्रत्याशियों को भी चुनाव में मदिरा का सहारा लेना पड़ रहा है। कई प्रत्याशी तो ऐसे हैं जिन्होंने कभी मदिरा को हाथ नहीं लगाया और सदा मदिरा का विरोध करते रहे हैं। उन्हें भी मजबूरन चुनाव में मदिरा वोटरों को देनी पड़ रही है। वोटरों को मदिरा पिलाने में प्रत्याशी खूब धन लूटा रहे हैं। चोरी छिपे मदिरा वोटरों तक पहुंचाई जा रही है। मदिरा पीने के बाद वोटर चुनावी सभा में कूद रहे हैं। जिस प्रत्याशी की मदिरा पी लेते हैं, उसका ही गुणगान करते घूमते रहते हैं। अगले दिन दूसरे प्रत्याशी की मदिरा मिलने पर दूसरे प्रत्याशी का गुणगान करते हैं। प्रत्याशियों में वोटरों को मदिरा पिलाने की होड़ लगी है। कई प्रत्याशी तो अब तक मदिरा पर लाखों रुपये लूटा चुके हैं। वोटरों को मदिरा पिलाने में वार्ड सभासद के कई प्रत्याशी कर्जदार तक हो गए हैं। वोटरों को शराब पिलाने के लिए प्रत्याशी ब्याज तक पर रुपये ले रहे हैं। चुनाव में अगर उनकी नैया डूब गई तो ब्याज समेत उन्हें कर्जा चुकाना पड़ेगा।
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