मनोरंजन कर को लेकर पसोपेश में अधिकारी
बिजनौर। शुक्रवार को आधी रात राष्ट्रपति ने संसद भवन में घंटा बजाकर जीएसटी का शुभारंभ कर दिया है। पूरे देश को एक समान कर से जोड़ दिया गया है, लेकिन अभी तक मनोरंजन कर का निर्धारण नहीं किया गया है। मनोरंजन कर का निर्धारण न होने से विभागीय अधिकारी भी दुविधा में हैं।
केंद्र सरकार ने सभी करो को जीएसटी में समाहित कर दिया है। मनोरंजन कर भी इसमें शामिल हैं। वर्तमान में सरकार द्वारा उपभोक्ताओं से 40 प्रतिशत मनोरंजन कर वसूला जाता है। यानि अगर सिनेमा हॉल में उपभोक्ता मूवी का टिकट 100 रुपये का लेते हैं तो उस पर 40 रुपये टैक्स के चले जाते हैं। जीएसटी में सर्वाधिक टैक्स 28 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। यानि अगर अधिकतम टैक्स भी मनोरंजन में लगाया गया तो भी यह पहले के मुकाबले 12 प्रतिशत कम होगा। वैसे मनोरंजन क्षेत्र में 18 प्रतिशत तक कर लगाने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे सिनेमा के टिकट 22 प्रतिशत तक कम होने से उपभोक्ताओं को फायदा होगा, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक मनोरंजन क्षेत्र में लगने वाले की घोषणा तक नहीं की है। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2 जीएस बौनाल अनुसार अभी जीएसटी में मनोरंजन क्षेत्र की नई दरों के बारे में पता नहीं चला है। फिलहाल पहले वाली दर ही उपभोक्ताओं से ली जा रही हैं। मनोरंजन क्षेत्र की टैक्स दर जल्दी ही पता चल जाएंगी।