बहू की हत्या में सास की जमानत अर्जी निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र ने प्रीति की दहेज के लिए हुई हत्या के मामले में उसकी सास प्रमिला की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। उन्होंने 15 माह के बच्चे की हत्या के मामले में भी महिला गुड्डो की जमानत याचिका भी निरस्त की।
शासकी अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार थाना नहटौर के गांव महमूदपुर भिक्का निवासी राजपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी पुत्री प्रीति की शादी थाना कोतवाली शहर के गांव धारुवाला निवासी लोकेंद्र के साथ एक वर्ष पूर्व की थी। शादी में उन्होंने करीब पांच लाख रुपये खर्च किए थे। मोटर साइकिल सहित अन्य कीमती सामान दहेज में दिया था। इसके बावजूद भी प्रीति का पति लोकेंद्र, सास प्रमिला कम दहेज लाने के लिए प्रीति को तंग करते थे। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर प्रीति के साथ मारपीट की जाती थी। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर 20/21 अप्रैल 2018 की रात्रि में प्रीति की हत्या कर दी गई।
इस मामले में राजपाल सिंह ने प्रीति के पति लोकेंद्र, देवर हरेंद्र, सास प्रमिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने प्रमिला की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। जिला जज सुभाष चंद्र ने 15 माह के अबोध बच्चे की हत्या के मामले में आरोपी महिला गुड्डो की जमानत याचिका भी निरस्त की है। थाना बढ़ापुर के ग्राम कुंजैटा निवासी शमीम अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पांच अप्रैल 2018 को उसका 15 माह का पुत्र घर के बाहर खेल रहा था। उसका कुछ पता नहीं चला। उसने अपने ही गांव की गुड्डो व रोशन पर अपने पुत्र की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने अबोध बच्चे का शव बरामद कर लिया था। पुलिस विवेचना में यह तथ्य सामने आया था कि बच्चे की हत्या में गुड्डो, वसीम व रोशन शामिल थे।