नजीबाबाद। अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिजनौर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) खुलवाने की मांग की है। इस संबंध में एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
बार संघ के पूर्व संयुक्त सचिव देवप्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें कहा गया कि जनपद बिजनौर में पांच तहसील हैं। आकस्मिक बड़ी घटनाओं, कैंसर, डाइलिसिस और अन्य जानलेवा बीमारियों के उपचार के लिए लोगों को दिल्ली तक जाना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने कहा कि देेश की आजादी को सात दशक बीत चुके हैं। मगर जनपद बिजनौर में उन्नत और आधुनिक चिकित्सा सुविधा नहीं है। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान के नीति निदेशक तत्वों में लिखा है कि कल्याणकारी सेवाएं जनता की सुख-सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और जरूरी हैं। एक राज्य में नागरिकों को पर्याप्त चिकित्सा सहायता प्रदान करना राज्य का प्राथमिक कर्तव्य है। देवप्रताप सिंह, सुहेल खान, समून अहमद, अवधेश राजपूत, अंसार अहमद, सुधीर चौहान, देवेंद्र कुमार, राकेश आदि ने मूल अधिकार, प्राकृतिक न्याय और आम जनता की सुविधा के लिए जनपद बिजनौर में एम्स की स्थापना करने की मांग की।