डीएम के आदेश पर सीडीओ ने की जांच, रिकवरी को होगा नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
शौचालय निर्माण में लाखों का घोटाला सामने आया है। प्रधान व पंचायत सचिव ने लाभार्थियों को धनराशि देने की बजाय निर्माण की सामग्री उपलब्ध कराई। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में दोनों फंस गए हैं। इनसे धनराशि की रिकवरी को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
गत अगस्त माह में लखनऊ से जिले की नोडल अधिकारी अनीता सिंह निरीक्षण को आईं थीं। उन्होंने यहां हसनपुर तहसील दिवस में शिरकत की थी। इस दौरान ब्लाक क्षेत्र के गांव गलसुआ के लोगों ने शिकायत की थी कि गांव में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की जा रही है। लाखों का घपला किया गया है। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी ने जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस पर डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंप दी थी।
सीडीओ ने 3 सितंबर को गांव में जाकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल की। प्रत्येक लाभार्थी से पूछताछ की। जांच में पता चला कि ग्रामीणों को शौचालय निर्माण की सामग्री दी गई है जबकि धनराशि नहीं मिली है। इसके अलावा अन्य तमाम खामियां भी उन्होंने पाईं। गड़बड़ी के खेल में पंचायत सचिव देवेंद्र शर्मा व प्रधान आसमा को दोषी माना और उन पर कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी है। कितने लाख की गड़बड़ी है, इसका खुलासा फिलहाल अधिकारियों ने जांच के बाद होने की बात कही है।
सचिव व प्रधान से धनराशि की रिकवरी होगी। उनको बाकायदा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद ही अगली कार्रवाई को कदम उठाया जाएगा।
- चंद्रपाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।