173 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की सेवा समाप्त
बिजनौर। शासनादेश के चलते 173 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सेवा समाप्त कर दी गई है। 62 साल की आयु होने के चलते विभाग द्वारा कार्रवाई की गई है। अब भी कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कागजों की जांच की जा रही है। जिन कार्यकर्ताओं का आयु संबंधी कोई प्रमाण नहीं है उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। मानक से ज्यादा इनकी आयु निकली है तो उनकी भी सेवा समाप्त होगी।
बच्चों व नौनिहालों को हॉट कुक, पोषाहार आदि योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को रखा गया था। महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग द्वारा खोले गए आंगनबाड़ी केंद्रों का मकसद नौनिहालों से कुपोषण को खत्म करना था। विभाग में 1975 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की तैनाती हुई थी। जिले में करीब तीन हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व इतनी ही सहायिका कार्यरत हैं। उस समय इनकी आयु संबंधी प्रमाण पत्रों पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया था। विभाग में जमी 62 साल से अधिक आयु की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अब सेवा समाप्त करने के लिए शासनादेश जारी किया गया है। शासन का मकसद वृद्ध हो चुकीं कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की जगह नई नियुक्ति करना है। विभाग में अब तक 173 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका 62 साल से अधिक आयु की मिल चुकी हैं। इनकी सेवा समाप्त करके चार्ज ले लिया गया है। अन्य की जांच की जा रही है।
परियोजना वृद्ध कार्यकर्ता व सहायिका
देवमल 13
नहटौर 07
अफजलगढ़ 13
स्योहारा 03
शहर बिजनौर 01
कोतवाली 08
नूरपुर 29
किरतपुर 24
जलीलपुर 08
धामपुर 15
नजीबाबाद 07
हल्दौर 21
झालू 25
कुल 173
नोट : ये आंकड़े महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग से लिए गए हैं।
- करा रहे जांच
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव का कहना है कि 62 साल की आयु पूरी कर चुकीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की सेवा समाप्त कर दी गई है। जिनकी आयु संबंधी कोई प्रमाण पत्र नहीं मिला है। उनकी स्वास्थ्य विभाग से जांच कराई जाएगी।