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नारी ने अपनी शक्ति को पहचानकर खुद को बनाया सशक्त

Thu, 25 Apr 2019 11:39 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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स्योहारा। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत पार्कर पब्लिक स्कूल बुढ़नपुर में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्राओं ने सुंदर चित्रों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया कि महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी को हर स्तर पर ईमानदारी, निष्ठा, विश्वास, कर्मठता के साथ निभाया है।
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स्कूल प्रबंधक उमेश राणा ने कहा कि नारी अब सशक्त हो चुकी है। अब कोई भी समाज को पुरुष प्रधान नहीं कह सकता है। हर क्षेत्र में नारी शक्ति ने खुद को साबित किया है। बेटियां देश की सरहदों की रक्षा कर रही हैं। उनकी पहुंच अंतरिक्ष तक हो गई है। अब तो गांव से भी प्रतिभावान बेटियां निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छा रही हैं। प्रधानाचार्य अरविंद कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को शक्ति प्रदान करना। महिला पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। नारी ने अपनी शक्ति को पहचानकर खुद को सशक्त बनाया है। कहा कि नारी को सशक्त बनाने में सबसे बड़ी भूमिका शिक्षा ने निभाई है। इस दौरान छात्राओं को नारी गरिमा को बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

अपराजिता से बदलेगी सोच
शिक्षिका अंशु चौहान का कहना है कि देश में लिंग भेद आज भी एक बड़ी समस्या है। आधुनिक युग में ये अपने आप में बड़े शर्म की बात है। अपराजिता जैसे कार्यक्रमों से परिवारों की सोच बदलेगी।
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नारी होना सम्मान की बात
अध्यापिका मोहिता वर्मा का कहना है कि एक सशक्त महिला ही अंधविश्वासों के ढकोसलों से निकाल कर समाज को सही दिशा दे सकती है। यह तभी होगा जब उसे समाज से रूबरू होने का मौका दिया जाएं। नारी होना स्वयं में ही एक सम्मान की बात है। नहीं मर्दानी बनाना मुझको, पुरुषों से न्यारी रहने दो। न छीनो मासूमियत मेरी, मुझ को नारी ही रहने दो।

हालात पर न छोड़ें खुद को
छात्रा उपासना के अनुसार नारी को सशक्त करने के लिए उसकी प्रतिभा को निखारा जाना चाहिए। यदि आधी दुनिया की प्रतिभा निखरेगी तो देश व समाज निश्चय ही उन्नति करेगा। नारी खुद को हालात पर नहीं छोड़ सकती, उसे हालात को स्वयं के अनुसार माद्दा रखना होगा।

हर कार्य में पुरुष के बराबर
अध्यापिका रागिनी रस्तौगी के कहा कि नारी देश में हर कार्य में पुरुष की बराबरी कर रही है। वो भी पुरुष से अधिक निष्ठा और पारदर्शिता के साथ सभी के लिए समान नियम का पालन कर रही है।

अपराजिता कार्यक्रम से मिले सोच को पंख
अध्यापिका रिया वर्मा ने कहा कि अब नारी जाग्रत हो रही है। अमर उजाला के अपराजिता जैसे कार्यक्रम उसकी सोच को पंख दे रहे हैं। नारी आज किसी से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। अगर कमी है तो केवल उसे अवसर मिलने की।

अमर उजाला की पहल बड़ी
अध्यापिका सामिया जबीन ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान समानता के व्यवहार को समाज में स्थापित करने में बड़ी पहल है। महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं हैं। वो पुलिस, प्रशासन, आईटी, अंतरिक्ष, व्यापार, शिक्षा हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

सम्मान देने के साथ बनाएं सशक्त
छात्रा निधि चौहान ने कहा कि अब महिलाओं को केवल सम्मान देने के साथ साथ सशक्त भी बनाना होगा। ताकि वह देश में निडरता के साथ रह सकें। उन्हें कभी भी यह एहसास नहीं होना चाहिए कि वह पुरुषों से कम है।

मन में भरता है विश्वास
छात्रा प्रेरणा ने अमर उजाला की नारी सशक्तिकरण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपराजिता जैसे कार्यक्रम छात्राओं के मन में विश्वास भरते हैं, मातृशक्ति को बल देते है। हम किसी से कम नहीं कि भावना का संचार करते हैं।

उत्साह का हुआ संचार
छात्रा अनम परवीन ने कहा कि अमर उजाला द्वारा छात्राओं के उत्साहवर्धन के लिए शुरू किए गए अपराजिता अभियान से छात्राओं में उत्साह का संचार हुआ है। यह उत्साह जीवन में आगे बढ़ने में सहायक होगा।

प्रतिभा से समाज में उदाहरण बनें बालिकाएं
स्कूल प्रबंधक उमेश राणा ने कहा कि समाज अपने आपको बदल रहा है। ऐसे में बालिकाएं अपनी प्रतिभा से समाज के लिए उदाहरण बनें। अमर उजाला के अपराजिता अभियान से समाज में आधी दुनिया के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
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