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होलसेल लाइसेंस के लिए बढ़ी आवेदनों की संख्या

Thu, 07 Mar 2019 11:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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DRIVING LICENCE - फोटो : SELF
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बिजनौर। होलसेल मेडिकल का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करने वालों की बाढ़ सी आने लगी है। फरवरी में ही होलसेल के लिए 25 और केवल एक रिटेल के लिए आवेदन आया है। अफसरों के अनुसार पहले छह और फिर तीन रिटेल पर एक होलसेल का लाइसेंस जारी करने का अनुपात था। मगर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसे समाप्त कर दिया है। रिटेल का लाइसेंस लेने के लिए फार्मासिस्ट का होना जरूरी है, लेकिन होलसेल में इसकी बाध्यता नहीं है। अफसर इसे ही मुख्य कारण मान रहे हैं। अफसरों के अनुसार फार्मासिस्ट से बचने के लिए लोग होलसेल के लिए आवेदन कर रहे हैं।
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जिले में लगभग तीन हजार लाइसेंस हैं। इनमें दो हजार रिटेल और एक हजार होलसेल लाइसेंस हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होलसेल लाइसेंस लेने के लिए फार्मासिस्ट की जरूरत को समाप्त कर दिया है। इससे पूर्व यह लाइसेंस लेने के लिए फार्मासिस्ट होना जरूरी था, लेकिन अब ऐसी बाध्यता नहीं है। अब विभाग ने फार्मासिस्ट के स्थान पर किसी मेडिकल स्टोर पर काम करने वालों को भी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर थोक लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया है। फार्मासिस्ट की छूट मिलने पर लोगों का रुझान होलसेल की ओर बढ़ने लगा है। अफसरों के अनुसार पिछले माह होलसेल के लिए 25 और रिटेल के लिए सिर्फ एक ही आवेदन आया। लगातार इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इसे लेकर अधिकारी चिंतित हैं कि कहीं लोग होलसेल लेकर रिटेल का कारोबार न करें। फिलहाल का थोक दवाओं का कारोबार करने के लिए फार्मासिस्ट की बाध्यता नहीं है। दुकान खोलने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लाइसेंस जारी हो जाता है। डीआई आशुतोष मिश्रा ने बताया कि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बिना काम करने वाले को अपने यहां का अनुभव प्रमाण पत्र न दें। पात्र व्यक्ति को अनुभव प्रमाण पत्र जारी करें जिससे कि पात्र व्यक्ति को ही लाइसेंस जारी किया जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आ चुका है कि एक मेडिकल स्टोर संचालक ने लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी किया। कंप्यूटर पर अपलोड करते ही उसकी पोल खुल गई। फिलहाल यह मामला शासन को भेजा गया है।
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