उर्दू शिक्षकों को दिलाई गणित, विज्ञान की परीक्षा
बिजनौर। सह ब्लॉक समन्वयकों के चयन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। परीक्षा में कई अपात्रों को बैठाए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत होने से मामला गरमा गया है। शिकायत के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग जांच पड़ताल में जुट गया है।
जिले में ब्लॉक स्तर पर 55 सह ब्लॉक समन्वयकों की नियुक्ति प्रति नियुक्ति पर की जानी है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दो मार्च को परीक्षा कराई थी। परीक्षा में कई अपात्रों के परीक्षा में बैठाने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई। इसे लेकर शिक्षा विभाग अब हरकत में है। कई उर्दू के शिक्षकों को गणित, विज्ञान और हिंदी के समन्वयकों के पदों पर परीक्षा में बैठाए जाने से मामला उलझ गया है। धामपुर के देवेंद्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कहा कि शिक्षक मोबिन हसन का हर डिग्री में नाम बदला हुआ है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में कैसे बैठाया गया। जबकि आवेदन पत्र बीईओ द्वारा भी प्रमाणित किया गया है। ऐसे में बीईओ नजीबाबाद की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। जबकि शिक्षक आबिद रसीद और इब्तेहसन की नियुक्ति उर्दू शिक्षक के रूप में बताई जाती हैै तथा समन्वयक के पद पर गणित और विज्ञान में परीक्षा दी गई है। शिक्षिका पूनम की डिग्री पर भी आपत्ति लगाई गई है।
शिक्षक संघ ने भी उठाई थी मांग
उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला मंत्री दुष्यंत कुमार ने अपर जिलाधिकारी को मांग पत्र देकर परीक्षा से पूर्व ही अपात्र अभ्यर्थियों का मामला उठाया था। पत्र में कहा गया था कि जिन शिक्षकों के आवेदन पत्र किन्हीं कारणों से निरस्त कर दिए गए थे उन्हें भी परीक्षा में बैठाया गया है जो गलत है। उन्होंने आपत्ति लगा कर जांच की मांग की थी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2011 में सह ब्लॉक समन्वय नियुक्ति में नजीबाबाद के शिक्षक मोबिन हसन के चयन पर आपत्ति दर्ज हुई थी। पूरे प्रकरण की जांच की गई थी। जांच में एक डिग्री फर्जी पाए जाने पर मोबिन हसन की एबीआरसी की नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी। इस बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत में मोबिन हसन की दो अलग-अलग डिग्री में नाम भी अलग अलग होने की शिकायत की गई है। एक डिग्री में मोबिन हसन तो दूसरी में मोहम्मद मोबिन लिखा होना बताया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।