गन्ना विभाग निर्माण खंड के चीफ इंजीनियर ने किया निरीक्षण
धामपुर। गन्ना विभाग उत्तर प्रदेश (निर्माण खंड) के चीफ इंजीनियर आरके श्रीवास्तव ने शुक्रवार को धामपुर गन्ना विकास समिति का औचक निरीक्षण किया। समिति की बदहाली को देख चीफ इंजीनियर ने निर्माण खंड (गन्ना विभाग) के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने मार्च माह तक हरहाल में समिति के जर्जर भवन की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, ठेके पर रखे पर्ची वितरकों के वेतन को लेकर समिति के सभापति और चीफ इंजीनियर के बीच नोकझोंक हुई।
गन्ना विभाग निर्माण खंड के चीफ इंजीनियर टीम के साथ गन्ना समिति में पहुंचे। यहां उन्होंने समिति में पूछताछ केंद्र को देखा। यहां पर लाइन में लगे किसानों से उनकी समस्याएं जानीं। खाद गोदाम भवन को देख चीफ इंजीनियर ने निर्माण खंड के एक्सईएन सुरेश चंद शाक्य और सहायक अभियंता एके गुप्ता की जमकर क्लास ली। चीफ इंजीनियर ने समिति के परिसर को देख असंतोष जताया। अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मिट्टी का भराव करा परिसर में इंटरलॉकिंग ईंट बिछवाएं। धामपुर गन्ना समिति का भवन प्रदेश की समितियों की तुलना में ज्यादा बड़ा और मजबूत है। हरहाल में मार्च माह तक समिति के भवन की मरम्मत का काम पूरा हो जाना चाहिए। इस मौके पर किसानों ने चीफ इंजीनियर के सामने समस्याओं का पिटारा खोल दिया। आरोप लगाया कि जब सरकार के आदेश हैं कि उन्हें गन्ने का मूल्य 14 दिन में हो जाना चाहिए। तो गन्ना विभाग पेमेंट क्यों नहीं दिला रहा है। यदि ऐसा नहीं होता है तो किसान को उनके गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाया जाए। इस मौके पर डीसीओ यशपाल सिंह, गन्ना समिति के सचिव मनोज कुमार, एससीडीआई अमित कुमार पांडेय, वीरेंद्र कुमार सिंह, सुरेश कुमार आदि रहे।
पर्ची वितरकों के वेतन पर सभापति और चीफ इंजीनियर में नोकझोंक
समिति संचालक बोर्ड के चेयरमैन कुशलपाल की समिति में ई-टेंडरिंग के तैनात किए गए पर्ची वितरकों के वेतन को लेकर नोकझोंक हुई। कहा कि जब पर्ची वितरकों को गन्ना समिति प्रति वितरक पांच हजार मासिक का पेमेंट ठेकेदार को कर रही है। तो ठेकेदार की ओर से इन पर्ची वितरकों को 3750 रुपये मासिक का भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया। इस पर चीफ इंजीनियर ने कहा कि मामले को गन्ना विभाग के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।