रेहड़ में यूपी और उत्तराखंड के बार्डर पर स्थित सीमावर्ती गांव ध्याननगर के जंगल में 10 किसानों की करीब 130 बीघा गेहूं की फसल आग में जलकर राख हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मचारियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसानों ने एक नेता पर नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य खेतों में आग लगाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। वहीं, क्षेत्र के विधायक ने मौके पर पहुंच कर घटना पर दुख जताया और किसानों को सरकार से नुकसान की भरपाई कराने का आश्वासन दिया।
गांव के लोगों ने बताया कि उनका गांव यूपी और उत्तराखंड बार्डर पर है। सोमवार दोपहर बाद जंगल में गेहूूं की पकी फसल में आग लग गई। गांव के राजेंद्र सिंह, गुरुमुख सिंह, पृथ्वी सिंह, किशोरी सिंह, हृदेश कुमार, प्रताप सिंह, खुशीराम, महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें खेतों में आग लगने की सूचना मिली तो वह शोर मचाते हुए आग पर काबू पाने को खेतों की ओर दौड़ पड़े। जब तक वह पहुंचे तब तक आग ने काफी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया था। तेज हवा चलने से आग ने भयंकर रूप धारण कर रखा था। लोगों ने किसी तरह से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं हो सकें। एसडीएम के आदेश पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। किसानों ने बताया कि क्षेत्र के 10 किसानों की करीब 130 बीघा जमीन में खड़ी फसल नष्ट हो गई।
सत्ताधारी नेता पर आगजनी का आरोप
ग्रामीणों ने एक सत्ताधारी नेता पर आग लगाने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते पुलिस को तहरीर सौंपी है। ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह, गुरुमुख सिंह, महेंद्र सिंह, देवकी प्रसाद का कहना है कि उनके खेतों के पास एक नेता का प्लांट है।
बताया गया कि आए दिन संबंधित नेता उनके साथ अभद्रता करता रहता है। उन्हें शक है कि इसी नेता ने जानबूझ कर नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फसल में आग लगाई है।
वहीं, आरोपी नेता ने लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि किसानों का उनके ऊपर इस प्रकार के आरोप लगाना राजनैतिक षड्यंत्र है। उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। कोतवाल अबुल कलाम ने बताया कि ग्रामीणों की तहरीर की भी जांच की जा रही है।रेहड़ में घटना का पता लगने पर एसडीएम जसपुर सुंदर सिंह, विधायक आदेश चौहान, कोतवाल अबुल कलाम, कांग्रेस नेता सुल्तान भारती घटना स्थल पर पहुंचे। पीड़ित किसानों को ढांढस बंधाते हुए उनकी मदद कराने का भरोसा दिया। एसडीएम सुंदर सिंह का कहना है कि आग लगने की घटना दैवीय आपदा में नहीं आती। फिर भी वह इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। विधायक आदेश चौहान ने एसडीएम से घटना की जांच करा आग लगने के कारणों का पता लगा आरोपियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भरोसा दिया कि वह आग में हुए नुकसान की भरपाई सरकार से पूरी कराने का प्रयास करेंगे। कोतवाल अबुल कलाम ने बताया कि एसडीएम के आदेश पर वह और तहसीलदार जोगा सिंह घटना की जांच कर रहे हैं।
वहीं मंडावली में विद्युत तार टूटकर गिरने से कई किसानों का 40 बीघा गेहूं की फसल जल गई। किसानों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और आसपास की फसल को जलने से बचाया। आक्रोशित किसानों ने विद्युत निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की है।
मंडावली क्षेत्र के गांव नारायणपुर रतन के किसानों के खेतों से ऊपर जर्जर विद्युत लाइन गुजर रही है। सोमवार को करीब डेढ़ बजे जर्जर विद्युत लाइन का तार टूटकर गेहूं की खड़ी फसल पर गिर गया। विद्युत तार से निकली चिंगारी से गेहूं की सूखी फसल जल उठी। देखते ही देखते आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। दोपहर के समय अधिकांश किसान खाना खाने घर गए थे। आसपास के खेतों पर मौजूद किसानों ने शोर मचाया और बिजलीघर को सूचना देकर विद्युत सप्ताई बंद कराई। किसानों शाहिद, मो. शमीम, रफीक, अली हसन, बूंदू, नदीम, शाहजहां, अशरफ, असगर, अतीक, नाजिम, नईम आदि ने आसपास के गेहूं काटकर और ट्रैक्टर आदि चालकर आग को आग बढ़ने से रोक दिया। आग में किसान घसीटा, सुक्खे, याकूब, हमीद, शमीम, बुंदू, इल्यास, कफील करीब 40 बीघा गेहूं जल कर राख हो गई। आक्रोशित किसानों ने विद्युत निगम की लापरवाही से गेहूं की फसल जलने का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि विद्युत कर्मियों ने जर्जर विद्युत लाइन की शिकायत करने पर भी नहीं बदला। किसानों ने प्रशासन से पीड़ित को उनकी फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की।