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भाजपा का किला भेदना आसान नहीं होगा

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बिजनौर। नूरपुर विधानसभा के उपचुनाव में सपा के पुराने चेहरे नईमुलहसन के चुनाव मैदान में आने से चुनाव दिलचस्प हो गया। सपा ने नईमुलहसन पर दांव तो खेल दिया है पर भाजपा का किला भेदने के लिए नईमुलहसन को भारी पापड़ बेलने पड़ेंगे। नूरपुर सीट पर मुस्लिमों के बाद दलित व सैनी बिरादरी के वोट निर्णायक हैं। इन वोटरों को अपने पाले में करना नईमुलहसन के लिए टेढ़ी खीर होगा। बसपा व रालोद के साथ गठबंधन के सहारे सपा के नईमुलहसन फिलहाल चुनाव जीतने का रास्ता तलाशने में जुट गए हैं। भाजपा ने भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की पत्नी अवनी सिंह को मैदान में उतारा है।
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नूरपूर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की पिछले दिनों सीतापुर में सड़क हादसे में हुई मौत के बाद इस सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज गया है। इस सीट पर बसपा, सपा, रालोद गठबंधन में सपा के खाते में यह सीट गई है। सपा ने अपने पुराने चेहरे नईमुलहसन पर दांव खेला है। भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की पत्नी अवनी सिंह को चुनाव मैदान में उतार रही है। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। अवनी सिंह को अपने पति की मौत की सहानुभूति का वोट मिलने की पूरी उम्मीद है। इस सहानुभूति के वोट की बदौलत ही भाजपा नेता अवनी सिंह को चुनाव जिताने में लग गए हैं।
नूरपुर सीट पर 306217 मतदाता है। इनमें 144285 पुरुष और 141922 महिला मतदाता हैं। इन मतदाताओं में एक लाख 22 हजार मुस्लिम, 30 हजार सैनी, 35 हजार चौहान व 40 हजार दलित, दस हजार जाट, दस हजार यादव व आठ हजार पाल मतदाता है। मुस्लिमों के बाद चौहान, दलित व सैनी बिरादरी के वोट सीट पर निर्णायक हैं। सपा गठबंधन में मुस्लिमों के साथ दलित व जाट वोटों को अपने पाले में मान रही है। बाकी बिरादरी के वोटों पर भी सपा की नजर है। नईमुहलसन के लिए जीत की राह पाना इतनी आसान नहीं होगा। टिकट न मिलने से नाराज व विरोधी नेता भितरघात करके नईमुलहसन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। भाजपा के वोट में सेंध लगाना भी उनके लिए कड़ी चुनौती होगा।
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दलित और यादव को रिझाने में जुटी भाजपा
भाजपा दलित व यादव वोटों को भी रिझाने में जुट गई है। बाकी हिंदू वोटों को भी लोकेेंद्र चौहान की सहानुभूति के नाम पर एकजुट करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। क्षेत्र से कोई और मजबूत मुस्लिम नेता चुनाव मैदान में किसी दल या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कूद सकता है। इसकी भी तैयारी शुरू हो गई है। सबकी नजर से बसपा से निकाले गए गौहर इकबाल पर है।

लोकेंद्र से चुनाव हारे थे नईमुलहसन
सपा प्रत्याशी नईमुलहसन 2017 के चुनाव में लोकेंद्र चौहान से चुनाव हार गए थे। चुनाव में नईमुलहसन के समर्थक अपनी जीत पक्की मान रहे थे पर वे चुनाव नहीं जीत पाए थे। लोकेंद्र चौहान को 78951 वोट मिले थे, जबकि नईमुलहसन को 66289 वोट मिले थे। बसपा प्रत्याशी गौहर इकबाल को 45791 वोट मिले थे।
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