मंडावर (बिजनौर)। खाली खेती की पत्ती फूंकते समय तेज हवा चलने से कई किसानों के गन्ने की फसल में आग लग गई। सैकड़ों बीघा जमीन में खड़े गन्ने की फसल और दो किसानों की झोपड़ी भी जल गई। किसानों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
गांव कोहरपुर के किसानों के खेत गंगा पार हैं। किसान नाव के सहारे खेतों में आते जाते हैं। कुछ किसानों ने खेतों पर झोपड़ी भी बना रखी हैं। रविवार दोपहर एक किसान अपने खाली खेत की पत्ती फूंक रहा था। तेज हवा चलने से पत्ती में लगी आग बेकाबू हो गई और आसपास के खेतों में खड़े गन्ने की पत्ती ने भी आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने सैकड़ों बीघा गन्ने को आग की लपटों ने घेर लिया। आग को देखकर किसानों में हड़कंप मच गया। किसान सत्यपाल और सुभाष की झोपड़ी भी जल गईं। किसानों ने खेेतों में खड़ा गन्ना जोतकर और आग की लपटों के रास्ते में पेड़ आदि डालकर आग को किसी तरह बुझाया। आग से कोहरपुर के किसान दीवान सिंह, जिले सिंह, ओमीराम, श्यामे, प्रेमसिंह, मुकेश, ईश्वरी देवी, विजय, रामशर, लाभे सिंह, सोमपाल, लक्षमण सहित दो दर्जन से अधिक किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन में खड़ा गन्ना जल गया। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। किसानों का कहना है कि जले हुए गन्ने में चीनी की रिकवरी कुछ कम हो जाती है। अब मिल इस गन्ने की रिकवरी निकालकर ही उन्हें भुगतान करेगा। इसके अलावा गन्ने की फसल जलने से उन्हें फिर से पौधा बोना होगा, जिसमें भी किसानों को बेकार में खर्च करना पड़ेगा।