बिजनौर। एनएचएम की विशेष टीम की जांच में स्वास्थ्य विभाग की कलई खुलकर सामने आ गई। एंबुलेंस में सिलेंडर तक टूटे मिले हैं। एक सामुदायिक केंद्र पर प्रसव कक्ष में कूड़ा भरा मिला। जिला महिला अस्पताल में मरीजों से प्रसव के लिए 1500 रुपये तक लेने की शिकायत मिलीं। सरकार द्वारा मरीजों को लाने के लिए शुरू की गई 108 व 102 एंबुलेंस वाले भी तिमारदारों से अवैध उगाही कर रहे हैं। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी। टीम की जांच से विभाग में खलबली मची गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में शासन द्वारा जांच कराई जा रही है। राष्ट्रीय मिशन कार्यक्रम के सलाहकार इंद्रजीत सिंह व परिवार नियोजन सलाहकार अरविंद सिंह ने भी बृहस्पतिवार को जिले की स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति देखी। इंद्रजीत सिंह के अनुसार जिले में निरीक्षण में काफी अनियमितताएं मिली हैं। कई मरीजों व तिमारदारों ने बताया कि महिला अस्पताल में प्रसव पर 1500 रुपये प्रति प्रसव लिए जा रहे हैं। चाहे वह किसी भी माध्यम से लिए जाएं। जांच में पता चला कि धामपुर में नियुक्त डा. सविता स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में मरीज देखने तक की प्राइवेट फीस मरीजों से ले रही हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत धन का बंदरबांट किया जा रहा है। योजना में जिला अस्पताल में प्रसूता को ठेकेदार द्वारा नाश्ता, दोपहर व रात का खाना दिया जाता है। प्रतिदिन प्रति प्रसूता के लिए 100 रुपये तक का भुगतान सरकार द्वारा इसके अंतर्गत ठेकेदार को किया जाता है। जांच में पता चला कि जो महिला प्रसव के एक ही दिन बाद चली जाती हैं, उनके खाने का कई-कई दिन का भुगतान लिया गया है। जांच में पाया गया कि नहटौर व धामपुर क्षेत्र में 108 व 102 एंबुलेंस वाले मरीजों से लाने व ले जाने में अवैध वसूली की जा रही है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर तक टूटे पड़े मिले।
किशोरियों की गोलियां गर्भवती महिलाओं को बांट दी गई
जांच में पता चला कि इंटर कॉलेजों में किशोरियों को बांटने के लिए आई नीली गोलियां गर्भवती महिलाओं को बांट दी गई। सीएचसी धामपुरी में प्रसव कम पाए गए। कोतवाली देहात पीएचसी में लेबर रूम में ही कूड़ा भरा मिला। शौचालय भी बंद थे। मरीजों व तिमारदारों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं मिली। जनसंख्या दिवस पर 25 लोगों को नाश्ता कराया गया और बिल पास कर दिया दस हजार का। शासन के नियमों को दरकिनार करके कार्य कराए गए। आशाओं ने एएनएम पर रुपये लेकर डिलीवरी कराने के आरोप लगाए हैं। आशाओं का मानदेय रुका हुआ है। आशाओं ने एएनएम पर रुपये लेकर डिलीवरी करने के खुलकर आरोप लगाए। चार चिकित्सक उपस्थिति दर्ज होने के बाद भी केंद्र से गायब मिले। जिले में मॉनीटरिंग के लिए लगाई गाड़ियां गाइड लाइन के अनुसार टैक्सी परमिट की होनी चाहिए, लेकिन टैक्सी परमिट अधिकांश गाड़ियों में नहीं है। इंद्रजीत सिंह व अरविंद सिंह के मुताबिक बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े हो रहे हैं। यह शीर्ष अधिकारियों के संरक्षण से ही हो सकता है। शुक्रवार को भी जांच की जाएगी। प्रसव के दौरान पांच नवजात की मौत हो गई थी। मृतकों के परिजनों ने तब भी आरोप लगाया था कि बिना रुपये देने के कोई काम नहीं होता है। इस मामले की जांच में भी यह आरोप लगाए गए थे। इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी सबक लेने को तैयार नहीं हैं।