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यूपी बोर्ड के प्रयोगात्मक परीक्षकों पर कसी लगाम

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बिजनौर । शासन ने यूपी बोर्ड के प्रयोगात्मक परीक्षकों पर लगाम कस दी है। प्रयोगात्मक परीक्षा तीसरी आंख की निगरानी में होगी। परीक्षा की वन-टू-वन वीडियोग्राफी होगी। प्रयोगात्मक परीक्षा की विडियो क्लिप बोर्ड दफ्तर को भेजी जाएगी। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान शासन के आदेशों के अनुपालन के लिए जांच अभियान चलाया जाएगा। आदेशों की जानकारी होने के बाद विद्यालय संचालकों के हाथ पैर फूले हैं।
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प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने का एलान किया है। प्रयोगात्मक परीक्षा में परीक्षार्थियों का शोषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही थी। जिले में माध्यमिक स्कूलों की इंटर प्रयोगात्मक परीक्षा दूसरे चरण में 30 दिसंबर से शुरू होकर 13 जनवरी तक चलेंगी। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षा के बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा की लैब उपकरणों से सुसज्जित होनी चाहिए। प्रयोगात्मक परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। प्रयोगशाला में आवश्यक रूप से सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। पूरी परीक्षा की वन टू वन छात्र की वीडियो रिकार्डिंग होगी। रिकार्डिंग क्लिप की एक प्रति कालेज में सुरक्षित रखी जाएगी। मांगे जाने पर वीडियो बोर्ड दफ्तर को उपलब्ध कराई जाए। डीआईओएस ने आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने की हिदायत दी है।

प्रयोगात्मक परीक्षकों को पहचान पत्र लाना जरूरी
बिजनौर (ब्यूरो)। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा संपन्न कराने के लिए नियुक्त परीक्षक अपना आधार कार्ड व मान्य पहचान पत्र आवंटित विद्यालयों में अवश्य लाएं। पहचान पत्र दिखाने के बाद ही वह परीक्षा ले सकते हैं। प्रधानाचार्य परीक्षक के पहचान पत्र की छाया प्रति विद्यालय अभिलेख में सुरक्षित रखें। पहचान पत्र दिखाने पर ही उनके द्वारा परीक्षा संपादित कराई जाए।
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