अब टीबी के साथ एचआईवी की भी होगी जांच
बिजनौर। जिला टीबी अस्पताल समेत जनपद के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अब टीबी के साथ साथ एचआईवी की भी जांच की जाएगी। इन रोगों के लक्षण करीब-करीब एक से होने से जांच करने पर टीबी और एचआईवी की पुष्टि हो जाएगी। अफसरों अनुसार यह निर्णय मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को परखने के लिए लिया गया है।
सरकार टीबी रोग के नियंत्रण पर पूरा ध्यान दे रही है। सरकार टीबी की जांच और उपचार का कोई पैसा नहीं लेती तथा सरकारी अस्पतालों में इसके पूर्ण इलाज की नि:शुल्क सुविधा मौजूद है। बशर्ते रोगी ठीक होने का जज्बा रखता हो। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो टीबी के कारण देशभर में हर तीन मिनट में दो मरीज दम तोड़ देते हैं और हर दिन लगभग 40 हजार लोगों को इसका संक्रमण हो जाता है। टीबी रोग घातक है। लेकिन इसका पूरा इलाज लेकर इस पर काबू पाया जा सकता है। अधिकतर होता ये है कि रोगी को दवा लेने पर थोड़ा बहुत आराम मिलते ही वह इलाज छोड़ देता है। यह घोर लापरवाही उसके सामने बाद में बिगड़ी टीबी के रूप में सामने आती है। इसलिए मरीज को पूरा इलाज लेना चाहिए और जब तक चिकित्सक न कहें तब तक दवा बीच में नहीं छोड़नी चाहिए। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत के अनुसार टीबी सुनिश्चित होने वाले का एचआईवी यानी एड्स तथा शुगर का टेस्ट करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता का आंकलन किया जा सके।
इन जगहों पर होती टीबी की जांच
वर्तमान में टीबी की जांच जिला अस्पताल, जिला क्षय रोग अस्पताल, सभी 11 प्राथमिक और 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदि पर टीबी की मुफ्त जांच होती है। जिला टीबी अस्पताल, धामपुर और नजीबाबाद टीबी यूनिट पर जांच सीबीनॉट मशीन से भी होती है।
टीबी के लक्षण
1. भूख न लगना।
2. अचानक वजन कम होते रहना।
3. सीने में दर्द का एहसास होना।
4. बार-बार बुखार आना।
5. शरीर में अकड़न रहना।
6. रात में सोते समय पसीना आना।
एड्स के लक्षण
1. बार-बार बुखार आना।
2. अधिक थकान होना।
3. मांसपेशियों में खिंचाव होना।
4. जोड़ों में दर्द व सूजन।
5. गला पकना।
6. सिर में लगातार दर्द बने रहना।