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राज्य सूचना आयोग की ओर से जिले के अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण

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सूचना न देने वाले बाबुओं पर होगी कार्रवाई : आयुक्त
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बिजनौर। राज्य सूचना आयोग की ओर से अधिकारियों को आरटीआई के नियमों, उपनियमों में हुए बदलाव के साथ उनके क्रियान्वयन का प्रशिक्षण दिया गया। राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद हाफिज उस्मान ने कहा कि अधिकारियों को कानून की जानकारी होने पर वे एक्ट की धाराओं के तहत आसानी से काम कर सकेंगे। उन्होंने शिकायतों की फाइल दबाने वाले बाबुओं को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
राज्य सूचना आयोग की ओर से शुक्रवार को जिले के विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों को विकास भवन के सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान और प्रशिक्षक डॉ. विपिन कुमार ने अधिकारियों को विभिन्न जानकारी दीं। राज्य सूचना आयुक्त के मुताबिक जनसूचना अधिकारी बड़े स्तर के अधिकारी होते हैं, लेकिन वादी की शिकायत विभागीय बाबुओं से मिलती हैं। आयोग के समक्ष इस तरह की शिकायत आई हैं कि बाबू जनसूचना अधिकारी को समय से सूचना नहीं देते हैं। इससे शिकायतों का निस्तारण नहीं होता है। आयोग के पास 37 हजार शिकायतें लंबित हैं। आयोग का प्रयास है कि वर्ष 2018 में शिकायतों की बकाया समाप्त हो जाए। उस्मान के मुताबिक आयोग को रोजाना पांच छह शिकायत मिलती हैं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि जनसूचना अधिकारी आयोग में नहीं आते हैं।
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शिकायत दबाने वाले बाबुओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
राज्य सूचना आयुक्त के अनुसार जनता की शिकायतों को दबाने वाले बाबुओं के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। जनसूचना अधिकारी को आयोग के नियम व उपनियमों की जानकारी दे दी गई है। जनसूचना अधिकारी आईटीआई एक्ट की धारा 5/4 के तहत बाबू द्वारा फाइल दबाने पर नोटिस देंगे। इसके बाद बाबू का निलंबन व सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी। जिला शामली में राजस्व विभाग के एक लिपिक खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई हो चुकी है।

दंड की हर माह चीफ सेक्रेट्री करते हैं समीक्षा
हाफिज उस्मान ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आयोग को विभाग से दंड नहीं वसूलने की शिकायत मिलती रहती हैं। आयोग का काम दंड का निर्धारण करना है, जबकि वसूलने की जिम्मेदारी शासन प्रशासन की है। प्रदेश के चीफ सेक्रेट्री की अध्यक्षता में दंड वसूली की समीक्षा के लिए कमेटी गठित है। आयोग के रजिस्ट्रार उनके सदस्य हैं। इसकी माह में एक बैठक भी होती है। दंड वसूली की आख्या जिले से डीएम भेजते हैं। यदि किसी व्यक्ति को इस बात की शिकायत है कि आयोग द्वारा लगाया गया दंड नहीं वसूला जा रहा है तो वह चीफ सेक्रेट्री से संपर्क कर सकता है।
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गैरहाजिर अधिकारियों को डीएम करें जवाब-तलब
राज्य सूचना आयुक्त ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि वह प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने वाले स्वास्थ्य और विद्युत विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब करें और की गई कार्रवाई से आयोग को अवगत कराए। राज्य सूचना आयुक्त ने सख्ती के साथ कहा कि जनहित के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, एसपी सिटी दिनेश सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीडीओ संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।
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