बिजनौर। तपती धरती को शीतल करने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश एक बार फिर से पौधरोपण में विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। प्रदेश में जुलाई में एक ही दिन में नौ करोड़ तीन लाख पौधे लगाए जाएंगे। इससे पहले भी 2016 में उत्तर प्रदेश ने एक दिन में पांच करोड़ से अधिक पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। बिजनौर भी इसमें सहभागी बना था। इस बार पौधारोपण के लक्ष्य को पहले से काफी बढ़ाया गया है।
पूर्व की सपा सरकार ने पौधरोपण अभियान को गंभीरता से लिया था। तब क्लीन यूपी ग्रीन यूपी योजना के तहत 11 जुलाई 2016 को पूरे प्रदेश में पौधरोपण अभियान चलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था। 24 घटे में ही पांच करोड़ पौधे लगाकर थाईलैंड के तीन करोड़ पौधे लगाने के रिकॉर्ड को उत्तर प्रदेश ने तोड़ा था। अब एक बार फिर से उत्तर प्रदेश अपने ही कीर्तिमान को तोड़ने जा रहा है। प्रदेश में इस बार नौ करोड़ तीन लाख पौधे 24 घंटे के अंदर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश में 71 हजार 360 हेक्टेअर जमीन में ये पौधरोपण होगा। जिला बिजनौर भी इस कीर्तिमान को बनाने में अहम योगदान निभाएगा। जिले में 930 हेक्टेअर जमीन में आठ लाख 79 हजार 900 पौधे लगाए जाएंगे। इनमें बिजनौर डिविजन में 130 हेक्टेअर जमीन में 77 हजार 700 पौधे तथा नजीबाबाद डिविजन में आठ लाख दो हजार 200 पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी हैं।
पौधरोपण की होगी वीडियोग्राफी
पौधारोपण अभियान में पौधे और जमीन की प्रवृत्ति का खास ख्याल रखा जाता है। जल प्लावित क्षेत्र में अर्जुन, नहर किनारे शीशम, जामुन, रेतीली जमीन में यूकेलिप्टिस व शीशम तथा गंगा किनारे खैर व सागौन की विशेष तौर पर रोपाई की जाएगी। इनके अलावा भी बबूल, नीम, पीपल, सीरस, बालमखीरा, बरगद, पिलखन आदि के पौधे भी रोपित किए जाएंगे। हर साइट पर श्रमिकों की निगरानी करने के लिए शिक्षकों व गवाहों की टीम तैनात रहेंगी। पौधरोपण की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। पूरे अभियान पर नजर रखने के लिए सभी तहसीलों के एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया जाएगा।
हर वर्ग की रहेगी सहभागिता
पौधारोपण अभियान में सरकारी कार्यालय और सामाजिक संगठन भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। अनेक सामाजिक संगठनों द्वारा भी अपने स्तर से इस दिन पौधरोपण किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में भी बच्चों से स्कूल प्रांगण में पौधारोपण कराया जाएगा। डीएफओ एम सेम्मारन के मुताबिक पेड़-पौधों से जीवन है। अब हर वर्ग पेड़-पौधों के महत्व को समझने लगा है। आम जन भी अपने स्तर से पौधरोपण अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लें और धरती माता को फिर से हरा भरा करें।