हरेवली। क्षेत्र के ग्रामीण वन विभागीय के अधिकारियों से खफा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गुलदार किसी गांव में आकर पशुओं को निवाला बना लेता है तो वन विभाग के अधिकारी गांव में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने का भरोसा देकर शांत कर देते है।
गौरतलब है कि हरेवली क्षेत्र के कई गांवों खिजरपुर, हरेवली, भगौता, शहजादपुर, कुराली, शाहनगर, रामनगर गोसाई में गुलदार से पिछले कई काफी दिनों से आतंक मचा रखा है। गुलदार अब तक दर्जनों पशुओं और आवारा और पालतू कुत्तों को निवाला बना चुका है। एक सप्ताह पहले गुलदार हरेवली के रामगंगा बैराज पर जा धमका था। उन्होंने बैराज पर बने एक सरकारी आवास में घुस कर किसी तरह से जान बचाई थी। दिन निकलने के बाद जब बैराज पर लोगों की चहलकदमी हुई तो वह कमरे में बाहर निकलने की हिम्मत कर पाए थे। इस दौरान गुलदार बैराज से दो कुत्तों को भी उठाकर ले गया था। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर गुलदार के दहशत से निजात दिलाने का भरोसा दिया था। बताया था कि वन विभाग तो गुलदार को बैैराज पर पिंजरा लगाकर कैद करने का प्रयास करेगा ही , ग्रामीण व बैराज कर्मी भी सतर्कता बरते। एक सप्ताह बीतने के बाद भी वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने को अभी तक बैराज पर पिंजरा नहीं लगाया जा सका है। जिससे लोगों में असंतोष है। ग्रामीण अनिल , केपी सिंह, यशवीर सिंह, भूरे सिंह,लाल ने रेंजर से बैराज पर पिंजरा लगाने की मांग की है।
हमारे पास गश्त के सिवा और कुछ नहीं है : रेंजर
नगीना रेंज के रेंजर चंद्रकिरन सिंह का कहना है कि विभाग में उनके पास केवल गश्त के अलावा और कुछ नहीं है। विभाग के पास वन्य जीवों को कैद करने को केवल एक पिंजरा था। वह भी खराब पड़ा है। जब रेंजर से इस बाबत अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट कर अवगत कराने के बारे में पूछा गया तो वह उबाल खा गए है। बोले यह भी कोई बात है , जब पिंजरा खराब है उसे स्वयं ही ठीक करा लिया जाएगा। रेंजर ने डिवीजन के किसी उच्चाधिकारी का फोन नंबर देने से भी मना कर दिया।