बिजनौर। जिले में सोमवार रात से मंगलवार सुबह नौ बजे तक झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। जनपद में 140.2 एमएम बारिश होने से खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं और शहर की सड़कें नाला बन गई। कालोनियों पानी भरा रहा। हालांकि धान और गन्ने की फसल के लिए बारिश को लाभकारी माना जा रहा है। बारिश के बाद तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 28.8 और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के चलते बुखारा बिजलीघर क्षेत्र, चीनी मिल और चक्कर रोड क्षेत्र में एक घंटे से अधिक बिजली कटौती हुई। कई स्थानों पर पेयजल की समस्या भी रही। आवास विकास बिजलीघर क्षेत्र में फाल्ट होने से कटौती हुई। परिषदीय विद्यालयों नरूलोपुर, दरियापुर, जलालाबाद, मुबारकपुर, कल्हेड़ी और राजारामपुर राहुखेड़ी के परिसर में जलभराव से बच्चों को परेशानी हुई। मंडावली क्षेत्र में मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क मार्ग बाधित रहा। मेरठ-पौड़ी हाईवे की सर्विस रोड पर भी जलभराव हो गया।
- अलर्ट 32 चौकियों और 35 आश्रय स्थलों से चौकसी
बिजनौर के जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत सक्सेना ने बताया कि जिले में गंगा, मालन और खोह नदियों के प्रवाह पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गंगा नदी नजीबाबाद, बिजनौर और चांदपुर तहसील से होकर गुजरती है, जहां ढाई से तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने पर ही चांदपुर के खादर बेल्ट में प्रभाव पड़ता है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 24 संवेदनशील और 5 अतिसंवेदनशील गांव चिन्हित हैं, जबकि पिछले वर्ष के आधार पर करीब 44 कृषि प्रभावित गांवों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने 32 बाढ़ चौकियां और 35 बाढ़ आश्रय स्थल सक्रिय कर दिए हैं। तहसील स्तर पर सुरक्षा उपकरण वितरित किए जा चुके हैं तथा ब्लॉकवार मेडिकल व पशु चिकित्सा टीमों द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है। जिला कंट्रोल रूम में आईएमडी से सूचना मिलते ही हर दो घंटे में एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और ग्राम प्रधानों के साथ-साथ आपदा मित्रों को मौसम का अलर्ट भेजा जाता है। सचेत ऐप के माध्यम से लोगों को दो-तीन घंटे पूर्व चेतावनी मिल रही है, जिससे प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क हैं।
-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
जलालाबाद/नजीबाबाद। सोमवार रात से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जलालाबाद में फ्लाईओवर की सर्विस रोड पर जलभराव से वाहनों को परेशानी हुई। मेरठ-पौड़ी हाईवे पर हरिद्वार-काशीपुर हाईवे को जोड़ने वाली सर्विस रोड पर भी पानी भर गया। दोनों हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को जलभराव से होकर निकलना पड़ा। कई स्कूलों में रेन डे रहा, जबकि अन्य में विद्यार्थियों की संख्या कम रही। डबल फाटक फ्लाईओवर से गोविंद नगर कॉलोनी मार्ग पर प्रतिष्ठानों के सामने पानी भरने से कारोबार प्रभावित रहा। कारोबारियों का कहना है कि सड़क ऊंची होने के बाद उनके प्रतिष्ठान नीचे हो गए हैं और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। संवाद
पत्थरगढ़ मार्ग भी जलमग्न
कृषि उत्पादन मंडी समिति के पास से पत्थरगढ़ किले को जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर जलभराव और बदहाली है। नागरिकों ने मार्ग निर्माण की मांग की।
-धामपुर तहसील में सबसे ज्यादा बारिश
तहसील - बारिश एमएम
बिजनौर - 146
नजीबाबाद - 72
धामपुर - 162
नगीना - 140
चांदपुर - 73