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लोक अदालत में हुआ 13952 वादों का निस्तारण

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बिजनौर जजी में लोक अदालत में जेल की महिला बंदियों के समान के स्टाल का उदघाटन करते प्रधान न्यायधीश - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 13952 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 17,28,52,891 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। वहीं 16,04,695 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
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प्रभारी जनपद न्यायाधीश डॉ. मनु कालिया की अध्यक्षता में संपंन लोक अदालत में उन्होंने चार वादों का निस्तारण किया। प्राधिकरण के सचिव शिवानंद गुप्ता के अनुसार प्रधान न्यायाधीश संजीव पांडेय ने 39 वादों का निस्तारण करते हुए 2.15 लाख रुपये एवं अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश चित्रा शर्मा ने 47 वादों का निस्तारण करते हुए 18,16,995 रुपये की समझौता धनराशि अदा कराई।
मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी प्रमोद कुमार ने 19 वादों का निस्तारण कर 82.18 लाख रुपये की मुआवजा धनराशि पीड़ित परिवारों को दिलाई। अतिरिक्ति न्यायाधीश आरए कौशिक ने चेक बाउंस के 26 मामलों का निस्तारण करते हुए 78,11,510 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई। एडीजे बलदेव सिंह ने पांच वादों का, एडीजे पॉक्सो डॉ. पारुल जैन ने दो वादों का निस्तारण किया। स्पेशल जज पीसी एक्ट हनी गोयल ने 404, एडीजे विनय कुमार ने एक, एडीजे कंचन ने तीन, एडीजे योगेश कुमार ने पांच, एडीजे अनिल कुमार राणा ने दो, एडीजे नगीना मनमोहन सिंह ने एक वाद का निस्तारण किया।
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सीजेएम विमल त्रिपाठी ने 703 वादों में 3,10,820 रुपये, एसीजेएम शारिब अली ने 602 वादों में 73,660 रुपये, अपर सिविल जज सीडी अभिनव यादव में 420 वादों में 01.33 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला। सिविल जज सीडी रचना ने 15 वादों का निस्तारण करते हुए 1,16,21, 473 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। अपर सिविल जज सीडी अनीसा ने 270 वादों में 20,560 रुपये, एसीजेएम सोभित बसंल ने 44 वादों में 18,460 रुपये, सिविल जज सीडी एफटीसी नीलम सरोज ने 39 वादों में 42,500 रुपये, अपर सिविल जज दीक्षा त्यागी ने 42 वादों में 40 हजार रुपये, अपर सिविल जज जेडी अनिष्का चौधरी ने 32 वादों में 27, 200 रुपये, अपर सिविल जज शालिनी चौधरी ने 44 वादों में 45,050 रुपये, अपर सिविल जज मनी वर्मा ने 143 वादों में 1,54,800 रुपये का अर्थदंड वसूला।
सिविल जज जेडी अनपूर्णा ने 46 वादों में 50,300, अपर सिविल जज महिमा सिंह ने 45 वादों में 48 हजार, अपर सिविल जज मिनाक्षी ने 65 वादों में 77,900 रुपये, सिविल जज पूजा शर्मा 45 वादों में 47,500 रुपये का जुर्माना वसूला। एसीजेएम नगीना आमोदकांत नेन 298 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज जेडी अखिल कुमार निझावन ने 650 वादों का निस्तारण करते हुए 1,91,680 रुपये, सिविल जज नजीबाबाद इंदू रानी ने 506 वादों में 15,860 रुपये, सिविल जज जेडी चांदपुर निपेद्र कुमार ने 457 वादों में 49,670 रुपये, अपर सिविल जज नगीना अरुण गौतम ने 105 वादों में 15,860 रुपये, अपर सिविल जज जेडी नगीना अंकिता सिंह ने 105 वादों में 28,600 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की।
डीएम के निर्देशन में लगे राजस्व वादों की लोक अदालत में 6615 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों का द्वारा रिकवरी के 1706 वादों का निस्तारण किया गया। 13,89,79,294 रुपये की धनराशि वसूल की गई। बीएसएनएल ने 63 वादों का निस्तारण करते हुए 3,16,000 की धनराशि वसूल की। उपभोक्ता विवाद प्रतिषोध आयोग द्वारा 16 वादों में 15,18,061 की समझौता धनराशि दिलाई गई।
महिला बंदियों के बनाए गए सामान का लगा स्टॉल
लोक अदालत के दौरान जजी परिसर में प्रेमधाम आश्रम नजीबाबाद द्वारा जिला सेवा प्राधिकरण एवं जिला कारागार के सहयोग बसे जिला कारागार में बंद महिला बंदियों द्वारा निर्मित सामग्री का विक्रय स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल का प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजीव पांडेय ने फीता काटकर शुभारंभ किया। इस स्टॉल से अधिकारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों ने सामान की खरीदारी की। इस स्टाल से क्रय की गई सामग्री से होने वाले लाभ महिला बंदियों को दिया जाएगा।
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