132 विद्यालयों ने अपलोड नहीं किए विद्यार्थियों के फोटो
बिजनौर। यूपी बोर्ड के 132 विद्यालयों ने परीक्षा के लिए पंजीकृत विद्यार्थियों के फोटो वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए हैं। जांच में अनेक विद्यार्थियों के फोटो धुंधले मिले हैं। बोर्ड ने ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों के फर्जी होने का शक जताया है। बोर्ड ने विद्यालयों को सुधार का आखिरी मौका दिया है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में बड़ी संख्या में फर्जी विद्यार्थियों के शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। बोर्ड फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर सख्त हो गया है। जिले में यूपी बोर्ड के 387 विद्यालय संचालित हैं। जिनमें हाईस्कूल व इंटर की वर्ष 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए 90 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को आवेदन करते समय अपना फोटो परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। बोर्ड से डीआईओएस कार्यालय को 132 विद्यालयों की सूची आई है। सूची के साथ आए पत्र में कहा गया है कि इन विद्यालयों ने कुछ छात्रों के फोटो अपलोड नहीं किए हैं। कुछ फोटो धुंधले हैं। जिससे विद्यार्थियों की पहचान नहीं हो पा रही है।
बोर्ड ने ऐसे विद्यार्थियों के फर्जी होने का शक जताया है तथा विद्यालयों को 28 फरवरी तक सुधार का आखिरी मौका दिया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि परिषद की वेबसाइट 17 फरवरी से सक्रिय हो गई है। विद्यालयों को छात्रों का ब्योरा भेज दिया गया है। तय समय में सुधार नहीं होने पर विद्यालय जिम्मेदार होंगे। विद्यार्थी परीक्षा से रोका जा सकता है। डीआईओएस ने बताया कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, विद्यालय ने उनका विवरण तो अपलोड कर दिया है, लेकिन सीएमओ का दिव्यांगता प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किया है।