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डीबीटी से सीधे किसानों के खाते में जाएगा केंद्र से मिला पैसा

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डीबीटी से सीधे किसानों के खाते में जाएगा पैसा
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बिजनौर। केंद्र सरकार के बजट में घोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। किसानों के खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के जरिये अनुदान राशि भेजी जाएगी। कृषि विभाग के पारदर्शी किसान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार ने कृषि विभाग को योजना का नोडल विभाग बनाया है। कृषि विभाग ने पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की सूची निकालनी शुरू कर दी है।
एक फरवरी को प्रस्तुत बजट में केंद्र सरकार ने घोषणा करते हुए लघु व सीमांत किसानों को छह हजार रुपये सालाना अनुदान की घोषणा की है। यह राशि तीन किस्तों यानि दो-दो हजार रुपये में किसानों को दी जाएगी। केंद्र सरकार की इस घोषणा पर तेजी से काम शुरू हो गया है। पात्रता व अन्य शर्तें तत्काल प्रभाव से सभी जिलों में भेज दी गई हैं। सभी जिलों के डीएम से राजस्व ग्रामवार भूलेख से किसानों की सूची निकाली जा रही है। हर राजस्व ग्राम में लघु व सीमांत किसानों को भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर चिह्नित किया जाएगा। विभाग के पोर्टल से इन किसानों की जमीन का मिलान किया जाएगा। लेखपालों के अलावा पंचायती राज, कृषि, सहकारिता आदि विभागों के कर्मचारियों को लगाकर किसानों की सूची तैयार की जाएगी। कर्मचारियों द्वारा 11 फरवरी तक सभी राजस्व ग्रामों का सर्वेक्षण किया जाएगा। पात्र किसानों से योजना का लाभ देने से पहले घोषणापत्र भी लिए जाएंगे।
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परिवार को इकाई मानकर मिलेगा लाभ
अगर पति-पत्नी या उनके नाबालिग बच्चों के नाम अलग-अलग जमीन है। तो उन्हें जोड़कर एक इकाई माना जाएगा। अगर वे तीनों अब भी लघु या सीमांत किसान की श्रेणी में आएंगे तो उनमें से किसी एक को ही पात्र मानकर योजना का लाभ दिया जाएगा।
अंश निर्धारण से बनेगी पात्रता
अगर एक ही खाते में आठ हेक्टेयर जमीन है और उसमें छह अलग-अलग परिवार हैं तो अंश निर्धारण के आधार पर किसानों को लघु व सीमांत श्रेणी में रखा जाएगा। अंश निर्धारण के आधार पर ही किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
पहली किस्त के लिए कोई भी आईडी
योजना का लाभ देने के लिए पहली किस्त के लिए आधार नंबर को अनिवार्य नहीं किया गया है। पहली किस्त के लिए किसान अपनी कोई भी आईडी दे सकते हैं। लेकिन बाकी किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को आधार नंबर देना होगा।
ये नहीं होंगे पात्र
योजना में दो हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले परिवार, भूतपूर्व या वर्तमान संवैधानिक पद धारक, भूतपूर्व या वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री या भूतपूर्व, वर्तमान सदस्य लोक सभा, राज्यसभा, विधान परिषद, भूतपूर्व या वर्तमान, नगरपालिका के मेयर या भूतपूर्व या वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष पात्र नहीं हैं। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी या कर्मचारी, आयकर का भुगतान करने वाले, मासिक पेंशन दस हजार से अधिक पाने वाले, पेशेवर चिकित्सक, इंजीनियर, अधिवक्ता, सीए या आर्किटेक्ट भी योजना में पात्र नहीं होंगे।
तीन लाख से ज्यादा किसान पात्र
जिले में 3,13,266 किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। जो किसान पंजीकृत नहीं हैं, वे भी पंजीकरण कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि शासन ने लोड को देखते हुए व कुछ परिवर्तन करने के लिए विभाग का पोर्टल बंद कर रखा है।
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योजना पर काम शुरू
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के संबंध में आदेश मिल गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य शुरू कर दिया गया है। ग्रामवार पात्र किसानों की सूची तैयार की जा रही है।
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