सभी सदस्यों को खुश रखना होगा सबसे बड़ी चुनौती
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी को कांटो से भरे रास्ते से गुजरना पड़ेगा। सदस्यों को खुश रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा। सदस्यों से चुनाव में साकेंद्र चौधरी ने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करना भी टेढ़ी खीर होगा।
जिला पंचायत के अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी को कई चुनौती से गुजरना पड़ेगा। जिला पंचायत के पास 29 करोड़ 91 लाख लाख रुपया पिछली योजना का बचा पड़ा है। सदस्य चाहेंगे कि यह धन उनकी मर्जी से खर्च हो। ठेके उनके लोगों को मिले। चुनाव के दौरान सदस्यों से साकेंद्र चौधरी से तमाम वादे करा रखे हैं। किसी ने काम देने का तो किसी ने अपने क्षेत्र में काम कराने का वादा करा रखा है। सदस्यों के अलावा चुनाव में साकेंद्र चौधरी की मदद करने वालों की नजर पर जिला पंचायत के कामों पर है ये लोग भी चाहेंगे कि काम उन्हें मिले।
कुछ जिला पंचायत की समितियों में अपना मनोनयन चाहेंगे।
साकेंद्र चौधरी के पास अपने समर्थकों की लगी फौज है। इस फौज ने साकेंद्र चौधरी के लिए चुनाव में बहुत कुछ किया हैं। समर्थक चाहे भाजपा के हो या बसपा के या रालोद से ताल्लुक रखते हो या भाजपा से सब दिल से चुनाव में साकेंद्र चौधरी के साथ थे। बिरादरी के लोगों ने साथ देने में हद पार कर दी। हर तरह की बिरादरी के लोगों ने मदद की है। जिला पंचायत के तमाम सदस्य ऐसे है जो वक्त की हवा के साथ चलते हैं। उनके लिए धन सर्वोपरि हैं। कुछ भी हो उन्हें हर हालत में धन चाहे । इसी के लिए वह कुछ भी करने को तैयार है। ये सदस्य अपनी मंशा पूरी नहीं होने पर बगावत का बिगुल भी बजा सकते हैं। ऐसे सदस्यों से चौकस रहकर उन्हें मनाना साकेंद्र चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगा। साकेंद्र चौधरी राजनीति के मंजे खिलाड़ी नहीं है। राजनीति तो वह बहुत दिनों से कर रहे हैं ,पर पहली बार किसी बड़े पद पर वह आसीन हुए हैं।
साकेंद्र के पाले के दो वोट मिले मोनिका को
बिजनौर । साकेंद्र चौधरी के सामने चुनाव लड़ रही मोनिका को चुनाव में सदस्यों ने पूरी तरह नकार दिया था। मोनिका चुनाव में नजर नहीं आ रही थी। सदस्यों को उनके पास वोटों को अपने पाले में करने के लिए धन भी दिखाई नहीं दे रहा था। चुनाव में मोनिका को चार वोट मिले । एक वोट मोनिका का अपना व दूसरा उदयनवीरा का उन्हें मिला है। दो वोट किसने मिले यह रहस्य है। सूत्रों की माने तो मोनिका को अपने दो वोट साकेंद्र चौधरी ने ही डलवाए है ताकि मोनिका चुनाव परिणाम के खिलाफ कोर्ट की शरण में न जा सके। साकेंद्र चौधरी को राजनीति के पुराने खिलाड़ियों ने पहले ही इस बारे में बताय दिया कि मोनिका को इतने कम वोट नहीं मिले कि वह कोर्ट में चली जाएं । माना जा रहा है कि तब जाकर उसे दो वोट साकेंद्र चौधरी ने डलवाए हैं।
नहीं हुई शपथ की तिथि तय
साकेंद्र चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह की अभी तिथि घोषित नही हुई हैं। शासन से शपथ के लिए कोई तिथि नहीं आएगी। डीएम को ही तिथि तय करनी होगी। शपथ ग्रहण की तिथि के लिए साकेंद्र चौधरी व जिला पंचायत के अफसर मंगलवार की देर रात डीएम से मिलने जा रहे हैं। इसके बाद ही तिथि तय होगी। शनिवार या रविवार में शपथ होने की उम्मीद लगाई जा रही है।