बिजनौर। 25 मई को फिर से गंगा किनारे प्रशासन द्वारा सफाई अभियान चलाया जाएगा। अफसर, कर्मचारी, समाजसेवियों जनता के साथ मिलकर मां गंगा के किनारे को निर्मल बनाने में जुटेंगे। गंगा किनारे आने वालों को स्वच्छता की शपथ दिलाई जाएगी।
नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा को निर्मल रखने के लिए अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। गंगा किनारे पौधरोपण की बड़ी योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा गंगा किनारे बसे गांवों का गंदा पानी गंगा में जाने से रोकने के लिए भी करोड़ों रुपये की लागत से प्रोजेक्ट बनाया गया है। 22 मार्च को अफसरों सहित तीन हजार गंगा पुत्रों ने गंगा किनारे बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया था। गंगा किनारे पड़ा कूड़ा, पॉलीथिन, लकड़ी आदि बीनकर अलग कर दी गई थी। अफसर खुद हाथ में फावड़े लेकर गंगा की धारा में उतरे थे और गंदगी निकाली थी। एक बार फिर से गंगा किनारे स्वच्छता का यह जन आंदोलन चलाया जाएगा। अभियान में अधिक से अधिक आम जनता को जोड़ा जाएगा। अफसरों द्वारा चलाए जाने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को गंगा को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना है। अगर जनता गंगा में कूड़ा न डालने के लिए जागरूक हो जाएगी तो उसे निर्मल बनाए रखने के लिए ज्यादा प्रयास नहीं करने होंगे। अभियान में जनता की सहभागिता सबसे ज्यादा जरूरी है।
यह ली जाएगी शपथ
-गंगा में कूड़ा कचरा व पालीथिन नहीं डालेंगे।
-गंगा में पूजा सामग्री व मूर्तियां विसर्जित नहीं करेंगें।
-हमेशा कपड़े के थैले का प्रयोग करेंगे।
-खुले में शौच नहीं करेंगे।
-अपने क्षेत्र के गंगा के तट को साफ सुथरा रखेेंगे।
-गंगा तट पर आने वालों को भी गंगा को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करेंगे।