बिजनौर। डीआईओएस राजेश कुमार ने जिले के प्रधानाचार्यों से शैक्षिक पंचांग के अनुसार शिक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में स्वच्छता, खेलकूद एवं सांस्कृतिक समितियों का गठन करने को कहा है। स्कूलों में माहवार दिए गए पाठ्यक्रम के अनुसार ही शैक्षणिक कार्य कराने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने को कहा गया है। स्कूलों में सीसीटीवी एवं बायोमैट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए गए।
शनिवार को बिजनौर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीआईओएस ने वर्तमान शिक्षा सत्र में शासन के आदेशों के अनुसार ही शिक्षण कार्य कराने को कहा। कहा कि स्कूलों में स्वच्छता, खेलकूद व सांस्कृतिक समिति गठित की जाए। पाठ्यक्रम माहवार पूरा कराया जाए। इसकी मासिक समीक्षा भी होनी चाहिए। स्कूलों में प्रतिभाशाली एवं कमजोर वर्ग के छात्रों को चिह्नित कर उन पर अलग से ध्यान दिया जाए। स्कूलों में स्काउटिंग, साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। छात्रों की मासिक परीक्षा भी हों ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके। स्कूलों में बायोमैट्रिक मशीन लगाने एवं सीसीटीवी लगवाने को कहा। डीआईओएस ने कहा कि जिन छात्रों ने कक्षा आठ उत्तीर्ण किया है उनका प्रवेश कक्षा नौ में अवश्य रूप से हो।
जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी अशोक राव गौतम ने प्रधानाचार्यों से छात्रों की छात्रवृत्ति का डाटा समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मास्टर डाटा भी अपडेट करने को कहा। सभी विद्यालयों में बालक एवं बालिकाओं के अलग अलग शौचालय अनिवार्य रूप से हों। साफ सफाई का ध्यान रखा जाएं। उन्होंने शिक्षकों के प्रकरणों का भी निस्तारण किया। इस मौके पर वित्त एवं लेखाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा बलूराम धीमन, सह जिला विद्यालय निरीक्षक सुभाष चन्द शर्मा, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कालेज बिजनौर डा निर्मल शर्मा आदि मौजूद रहे।
अनुपस्थित प्रधानाचार्यों का काटा वेतन
बैठक में अनुपस्थित रहे प्रधानाचार्यों का एक एक दिन का वेतन काटने के निर्देश डीआईओएस ने दिए। डीआईओएस ने बताया कि प्रधानाचार्य आरएसपी इंटर कॉलेज स्योहारा, प्रधानाचार्य राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज अफजलगढ़, प्रधानाचार्या शकुंतला कन्या इंटर कॉलेज चांदपुर एवं प्रधानाचार्या वैदिक कन्या इंटर कालेज चांदपुर के अनुपस्थित रहने के कारण इनका एक दिन का वेतन काटने के लिए निर्देश दिए गए।
अमान्य स्कूलों पर होगी कार्रवाई
डीआईओएस ने बताया कि जिले में किसी भी अमान्य स्कूल को बरदाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि जिस स्कूल को जिस कक्षा तक की मान्यता है, वह उसी कक्षा तक बच्चों के प्रवेश करें। मान्यता से अधिक कक्षा में प्रवेश लेने पर स्कूल की प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।